देवेंद्रप्पा ने जिलाधिकारी को फोन पर लगाई फटकार
तीन दिन में प्रस्ताव नहीं भेजा तो आंदोलन की दी चेतावनी
जगलूरु (दावणगेरे)। राज्य में कमजोर मानसून के चलते सरकार ने 101 तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित किया है। दावणगेरे जिले के चार तालुक—चन्नगिरी, होन्नाली, न्यामति और दावणगेरे—को सूची में शामिल किया गया है, लेकिन जिले का प्रमुख वर्षा-आश्रित तालुक जगलूरु इससे बाहर है। इसे लेकर क्षेत्र में भारी नाराजगी है।
जगलूरु के विधायक बी. देवेंद्रप्पा ने तालुक को सूखाग्रस्त सूची से बाहर रखने पर जिला प्रशासन, जिला प्रभारी मंत्री और अधिकारियों के प्रति कड़ा असंतोष जताया। तालुक पंचायत परिसर में आयोजित बैठक के दौरान उन्होंने मौके से ही जिलाधिकारी जी.एम. गंगाधर स्वामी को फोन कर स्थिति पर नाराजगी जाहिर की।
‘वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट नहीं दी’
विधायक ने आरोप लगाया कि तालुक में बारिश की भारी कमी के कारण फसलें प्रभावित हुई हैं, इसके बावजूद वास्तविक स्थिति के आधार पर रिपोर्ट तैयार नहीं की गई। उन्होंने कहा कि इससे किसानों और क्षेत्र की जनता के साथ अन्याय हुआ है।
देवेंद्रप्पा ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई नहीं की तो वे जिला केडीपी बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे। उन्होंने कहा कि मंत्री और अधिकारी तालुक की वास्तविक स्थिति समझने के प्रति गंभीर नहीं हैं और मामले को सीधे मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाया जाएगा।
उन्होंने जिला स्तरीय अधिकारियों को तत्काल जगलूरु का स्थलीय निरीक्षण कर सूखाग्रस्त तालुक घोषित करने के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। तीन दिन के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर तीव्र आंदोलन की चेतावनी भी दी।
दावणगेरे में चार तालुक सूखा सूची में
सरकार की घोषित सूची में दावणगेरे जिले के चन्नगिरी, होन्नाली, न्यामति और दावणगेरे शामिल हैं, जबकि जगलूरु को बाहर रखा गया है। विधायक का कहना है कि जिले में सबसे अधिक वर्षा-आश्रित कृषि भूमि वाला तालुक होने के बावजूद इसे सूची से बाहर रखना गंभीर अन्याय है।
उन्होंने प्रशासन से वास्तविक वर्षा, फसल क्षति और किसानों की स्थिति का तत्काल आकलन कर संशोधित प्रस्ताव भेजने की मांग की।
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