आयुष विभाग के राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस समारोह में स्वास्थ्यकर जीवनशैली अपनाने पर जोर
हुब्बल्ली। कर्नाटक राज्य सरकारी कर्मचारी संघ के राज्य उपाध्यक्ष एवं जिला अध्यक्ष एस.एफ. सिद्धनगौडऱ ने कहा कि तनावपूर्ण जीवनशैली के बीच स्वस्थ रहने के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और योग को दिनचर्या का हिस्सा बनाना जरूरी है। कर्तव्य के साथ स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता देना आवश्यक है।
वे धारवाड़ में सरकारी कर्मचारी संघ के सभागार में जिला प्रशासन, जिला पंचायत एवं जिला आयुष विभाग की ओर से राष्ट्रीय आयुष अभियान के तहत आयोजित 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस समारोह का उद्घाटन करने के बाद संबोधित कर रहे थे।
बढ़ रहा आयुर्वेद का महत्व
सिद्धनगौडऱ ने कहा कि आयुर्वेद भारत की दुनिया को महत्वपूर्ण देन है। प्राचीन काल से ही आयुर्वेद और योग स्वास्थ्य संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। पिछले कुछ समय से केंद्र व राज्य सरकारों तथा आयुष विभाग के प्रयासों से आयुर्वेद और योग को फिर व्यापक महत्व मिल रहा है। देश के साथ विदेशों में भी इनके प्रति रुचि बढ़ी है।
काम के दबाव में स्वास्थ्य न भूलें
उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारी बैठकों, रिपोर्ट और विभिन्न जिम्मेदारियों के बीच काम करते हैं। काम के बढ़ते दबाव में अक्सर स्वास्थ्य की उपेक्षा होने लगती है। अच्छे स्वास्थ्य के बिना जिम्मेदारियों का प्रभावी निर्वहन संभव नहीं है। इसलिए कर्मचारियों को नियमित व्यायाम और योग के साथ संतुलित खान-पान अपनाना चाहिए।
कार्यक्रम में आयुष वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष ताडपत्री, डॉ. एस.पी. कोट्टूर तथा महागणपति आयुर्वेद महाविद्यालय की सहायक प्राध्यापिका रचना यादव राव ने असंचारी रोगों के नियंत्रण में आयुर्वेद सिद्धांतों के महत्व पर व्याख्यान एवं प्रदर्शन दिया।
आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशा एन. ने स्वागत किया। डॉ. अमृत पास्ते ने संचालन और डॉ. इस्माइल संकदाल ने आभार व्यक्त किया। जिला आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. गणेश एस. कबाडे, सुहन मुनगट्टी, डॉ. बी.पी. पुजारी, डॉ. सविता हुणसिमरद तथा प्रकाश हलेपेट सहित आयुष विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और आशा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?
अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें
हर खबर सबसे पहले
Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z

