रोजगार सृजन में रायचूर राज्य में अव्वल, 21.61 लाख मानव दिवस का कामदेवदुर्ग तालुक के बागूर गांव में तालाब की गाद निकालते श्रमिक।

ग्रामीणों का पलायन रोकने पर जोर

1.15 करोड़ मानव दिवस का लक्ष्य, 17,376 कार्यों की कार्ययोजना तैयार

रायचूर। ग्रामीण परिवारों को गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराने और रोजी-रोटी के लिए पलायन रोकने की दिशा में रायचूर जिले ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। वीबी जी राम जी योजना के तहत जिले में 1 जुलाई से अब तक 21,61,161 मानव दिवस का रोजगार सृजित किया गया है। मानव दिवस सृजन के मामले में रायचूर पूरे राज्य में पहले स्थान पर है। वर्ष 2026-27 के लिए जिले में 1.15 करोड़ मानव दिवस सृजित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य को हासिल करने और ग्रामीण परिवारों तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए जिला पंचायत ने जागरूकता अभियान भी शुरू किया है।

जिले की सभी 179 ग्राम पंचायतों में 1 जुलाई से अभियान लागू किया जा रहा है। सूचना, शिक्षा और संचार गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीणों को योजना के लाभ, रोजगार के अवसर और स्थानीय स्तर पर काम पाने की प्रक्रिया की जानकारी दी जा रही है।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ईश्वरकुमार कांदू के अनुसार, अभियान का उद्देश्य सूखे के समय ग्रामीण परिवारों की आजीविका को सहारा देना, स्थानीय स्तर पर अकुशल रोजगार उपलब्ध कराना, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और रोजगार के निरंतर अवसर पैदा करना है।

पलायन रोकने के लिए गांव में ही रोजगार

योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को रोजगार देने के साथ समान मजदूरी, जल संरक्षण, ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विकास और आजीविका के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। जागरूकता अभियान में 125 दिन रोजगार की गारंटी, महिला-पुरुष को समान अवसर, समान मजदूरी और पलायन क्यों, गांव में ही रोजगार जैसे संदेशों के जरिए लोगों को स्थानीय स्तर पर काम के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण, जलग्रहण क्षेत्रों का विकास, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, जलस्रोतों का पुनर्जीवन और वनीकरण से जुड़े कार्यों को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसके साथ ग्रामीणों के कौशल और क्षमता विकास, बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने तथा आजीविका के नए अवसर पैदा करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

17,376 कार्यों की कार्ययोजना

वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना में जिले के लिए कुल 17,376 कार्य शामिल किए गए हैं। इनमें जल सुरक्षा से संबंधित 6,356, ग्रामीण बुनियादी ढांचे के 5,011 और ग्रामीण आजीविका से जुड़े 6,004 कार्य शामिल हैं। आपदा प्रबंधन के लिए भी पांच कार्य प्रस्तावित हैं।

8,636 नए रोजगार कार्ड वितरित

पात्र ग्रामीण परिवारों को योजना से जोडऩे के लिए 15 अगस्त से 15 सितंबर तक एक महीने का रोजगार कार्ड मेला आयोजित किया गया। इसके तहत जिले में 8,636 नए रोजगार कार्ड वितरित किए गए।

जिला पंचायत के योजना निदेशक शरणबसवराज के अनुसार, ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने, जलसंसाधनों के संरक्षण, बुनियादी सुविधाओं के विकास और परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने को प्राथमिकता दी जा रही है।

तालुकवार मानव दिवस सृजन

तालुक — मानव दिवस

अरकेरा — 1,13,525
देवदुर्ग — 95,749
लिंगसुगूर — 4,54,355
मानवी — 3,74,242
मस्की — 4,47,490
रायचूर — 1,80,485
सिंधनूर — 4,20,363
सिरवार — 74,952

लिंगसुगूर में सर्वाधिक 4.54 लाख मानव दिवस सृजित हुए हैं। इसके बाद मस्की और सिंधनूर का स्थान है। जिले में रोजगार सृजन के इस प्रदर्शन के बीच अब सबसे बड़ी चुनौती निर्धारित लक्ष्य तक पहुंचने और ग्रामीण परिवारों को लगातार काम उपलब्ध कराने की होगी।

 

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By Bharat Ki Awaz

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