शिवमोग्गा एयरपोर्ट पर 21 नवंबर से यात्री विमानों की उड़ानें बंदस्टार एयर विमान।

स्पाइसजेट और इंडिगो के बाद स्टार एयर ने भी रोकी बुकिंग

तीन साल का उड़ान समझौता 20 नवंबर को होगा समाप्त

2027 से पहले सेवा बहाल होने पर संशय

शिवमोग्गा। मध्य कर्नाटक और मलनाड क्षेत्र के हवाई यात्रियों को एक और झटका लगा है। क्षेत्र के प्रमुख हवाई संपर्क केंद्र शिवमोग्गा एयरपोर्ट से अब यात्री विमानों की उड़ानें बंद होने की आशंका है। स्पाइसजेट और इंडिगो के बाद अब स्टार एयर ने भी यहां से अपनी बुकिंग रोक दी है। ऐसे में 21 नवंबर से इस हवाई अड्डे से किसी भी नियमित यात्री विमान के उड़ान भरने की संभावना नहीं है।

स्टार एयर का तीन साल का उड़ान समझौता 20 नवंबर को समाप्त हो रहा है। इसी कारण कंपनी ने 21 नवंबर से बुकिंग बंद कर दी है। दूसरी ओर, केंद्र सरकार की ओर से 2016 में शुरू की गई उड़ान योजना के तहत नए मार्गों पर विमान सेवाएं संचालित करने वाली कंपनियों को मिलने वाली व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण (वीजीएफ) सहायता की मौजूदा अवधि भी इस साल के अंत में समाप्त हो रही है। संशोधित योजना 1 जनवरी 2027 से लागू होने की संभावना है। ऐसे में विमान सेवाओं की बहाली के लिए यात्रियों को नए साल तक इंतजार करना पड़ सकता है।

हैदराबाद, गोवा और तिरुपति जाने वालों की बढ़ेगी परेशानी

शिवमोग्गा एयरपोर्ट से हैदराबाद, गोवा और तिरुपति के लिए उड़ानें संचालित होती थीं। मध्य कर्नाटक के कई जिलों के यात्री इसी हवाई अड्डे पर निर्भर थे। हैदराबाद और तिरुपति जाने वाली उड़ानों में रोजाना औसतन 60 प्रतिशत से अधिक सीटें भर रही थीं। पिछले जून में यहां से छह उड़ानों का संचालन हो रहा था। अब 21 नवंबर के बाद नियमित यात्री विमान सेवाएं ठप होने की स्थिति बन गई है।

हालांकि, उड़ान योजना के तहत मिलने वाली सहायता के बिना भी विमान कंपनियां सेवाएं संचालित कर सकती हैं, लेकिन फिलहाल किसी कंपनी ने इस दिशा में रुचि नहीं दिखाई है। निजी जेट विमानों के आवागमन पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा।

राज्य सरकार से प्रोत्साहन की उम्मीद

राज्य सरकार पहले शिवमोग्गा-बेंगलूरु मार्ग पर प्रति टिकट 500 रुपए का प्रोत्साहन देती थी। विमानन कंपनियां इसी तरह की सहायता की उम्मीद कर रही हैं। केंद्र सरकार ने संशोधित उड़ान योजना के तहत सहायता की अवधि तीन से बढ़ाकर पांच साल कर दी है। विमानन कंपनियों को अन्य सुविधाएं देने का भी प्रावधान किया गया है।

नाइट लैंडिंग की सुविधा जल्द

इस बीच, शिवमोग्गा एयरपोर्ट की दृश्यता और रात में विमानों की लैंडिंग से जुड़ी समस्या का समाधान जल्द होने की उम्मीद है। नाइट लैंडिंग से संबंधित सिविल कार्य पूरा हो चुका है और एंटीना लगाने का काम चल रहा है। उपकरणों की जांच के लिए दिल्ली से विशेषज्ञों की टीम आने वाली है। इसके बाद दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी की जानी है। उम्मीद है कि नई उड़ान योजना लागू होने तक नाइट लैंडिंग की सुविधा भी तैयार हो जाएगी। इससे भविष्य में उड़ानों की संख्या बढऩे की संभावना है।

12 शहरों के लिए केंद्र को प्रस्ताव

शिवमोग्गा से बेंगलूरु, मेंगलूरु, हुब्बल्ली, मैसूरु, दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, पुणे, तिरुपति, गोवा, हैदराबाद और अहमदाबाद के लिए उड़ान योजना के तहत विमान सेवा शुरू करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। राज्य सरकार ने इन मार्गों के लिए आर्थिक सहायता देने की भी पेशकश की है, लेकिन अभी तक किसी मार्ग को मंजूरी नहीं मिली है। अब यह देखना होगा कि संशोधित योजना के तहत कौन-कौन सी विमानन कंपनियां इन मार्गों पर सेवाएं शुरू करने के लिए आगे आती हैं।

तीन साल का समझौता पूरा, अब पांच साल की तैयारी

स्टार एयर के साथ किया गया तीन साल का समझौता पूरा हो गया है। नई उड़ान योजना के तहत पांच साल के लिए समझौता किया जाएगा। इसके लिए नए सिरे से निविदा आमंत्रित करनी होगी। राज्य सरकार ने नए मार्गों के लिए प्रस्ताव भेजे हैं। केंद्र सरकार जल्द निविदा जारी करने की दिशा में कदम उठाएगी।
– बीवाई राघवेंद्र, सांसद

 

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By Bharat Ki Awaz

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