मुडा की योजना के तहत सब्जी, फूल, मछली और मांस के लिए आधुनिक बाजार
तीसरी से नौवीं मंजिल तक आईटी-बीटी और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को जगह देने की योजना
मेंगलूरु। शहर के उर्वा स्टोर मुख्य मार्ग से सटे पुराने बाजार की तस्वीर बदलने की तैयारी है। मेंगलूरु शहरी विकास प्राधिकरण (मुडा) यहां आधुनिक बाजार के साथ मॉल की तर्ज पर बहुमंजिला व्यावसायिक इमारत बनाने की योजना पर काम कर रहा है। इसका उद्देश्य व्यापारियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ मुडा के लिए आय के नए स्रोत तैयार करना है। परियोजना को 2027 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुडा ने बाजार और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए दो अलग-अलग इमारतों का प्रारूप तैयार किया है। शहर के उर्वा, कदरी, बिजई, कंकनाडी और जेप्पू सहित कई इलाकों में बाजारों के साथ व्यावसायिक इमारतें बनाई गई हैं, लेकिन इनके निर्माण में देरी और अव्यवस्थित योजना के कारण व्यापारियों तथा ग्राहकों को असुविधा होती रही है। इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए उर्वा स्टोर में व्यवस्थित ढंग से दो अलग-अलग भवन बनाने की योजना तैयार की गई है।
बाजार के नीचे पार्किंग, ऊपर ताजा खाद्य सामग्री की दुकानें
प्रस्तावित सब्जी बाजार के निचले तल पर पार्किंग की व्यवस्था होगी। इसके ऊपर अस्थायी छत वाले अर्धस्थायी भवन में फूल, सब्जियां, मछली और मांस की बिक्री के लिए अलग-अलग स्थान बनाए जाएंगे। बाजार में ताजा खाद्य सामग्री की बिक्री, व्यवस्थित खुदरा दुकानें, साफ-सफाई और ग्राहकों की सुविधाओं पर ध्यान देने की योजना है।
तीसरी से नौवीं मंजिल तक आईटी-बीटी कंपनियों को जगह
बाजार के पास खाली जमीन पर मॉल की तर्ज पर आधुनिक व्यावसायिक परिसर बनाने का प्रस्ताव है। इसमें दो बेसमेंट और एक निचला तल पार्किंग के लिए रखने की योजना है। भूतल से दूसरी मंजिल तक बाजार से जुड़ी व्यावसायिक गतिविधियों के लिए जगह उपलब्ध कराई जाएगी। तीसरी से नौवीं मंजिल तक आईटी-बीटी कंपनियों, स्टार्टअप और अन्य व्यावसायिक संस्थानों को किराए या लीज पर स्थान देने की योजना है।
मुडा अध्यक्ष संतोष कुमार शेट्टी ने बताया कि इस परियोजना पर करीब 8 से 9 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। आईटी-बीटी और स्टार्टअप कंपनियों को आकर्षित करने के लिए किराए की दरें भी अपेक्षाकृत कम रखने पर विचार किया जा रहा है।
75 रुपए प्रति वर्गफुट से किराया तय करने पर विचार
फिलहाल शहर में आईटी-बीटी और व्यावसायिक संस्थानों को बाहरी क्षेत्रों में 100 रुपए से अधिक प्रति वर्गफुट किराया देना पड़ता है। इसके मुकाबले प्रस्तावित परिसर में भूतल पर 75 रुपए और पहली मंजिल पर 50 रुपए प्रति वर्गफुट किराया तय करने पर विचार किया जा रहा है।
योजना को मंजूरी मिल चुकी है। जल्द ही विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर राज्य सरकार से अंतिम स्वीकृति लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
8 से 9 करोड़ रुपए की परियोजना
मुडा की ओर से उर्वा स्टोर में आधुनिक बाजार और व्यावसायिक परिसर बनाने की योजना तैयार की जा रही है। करीब 8 से 9 करोड़ रुपए की इस परियोजना का काम जल्द शुरू कर अगले वर्ष के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है।
–संतोष कुमार शेट्टी, अध्यक्ष, मुडा
Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?
अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें
हर खबर सबसे पहले
Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z

