अब 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को भी लगेगा निमोनिया से बचाव का टीका

बल्लारी-विजयनगर के 45 हजार वरिष्ठ नागरिकों के टीकाकरण पर 15.75 करोड़ रुपए होंगे खर्च, केएमईआरसी ने दी मंजूरी

बल्लारी। अब तक बच्चों तक सीमित न्यूमोकोकल टीकाकरण का दायरा बढ़ाकर 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। बल्लारी और विजयनगर जिलों के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभागों की ओर से अलग-अलग भेजे गए प्रस्तावों को कर्नाटक माइनिंग एनवायरनमेंट रेस्टोरेशन कॉरपोरेशन (केएमईआरसी) ने मंजूरी दे दी है।

इस योजना के तहत दोनों जिलों में कुल 45 हजार वरिष्ठ नागरिकों को टीका लगाया जाएगा। इस पर 15.75 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। दोनों जिलों में योजना एक वर्ष से कम अवधि में पूरी की जाएगी। संबंधित जिलों के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ही इसे लागू करेंगे।

बल्लारी में 23,500 बुजुर्गों का लक्ष्य

बल्लारी जिले में 23,500 वरिष्ठ नागरिकों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इस पर करीब 8.22 करोड़ रुपए खर्च होंगे। योजना में कम्पली, कुरुगोडु, सिरुगुप्पा, बल्लारी और संडूर तालुक शामिल हैं।

वहीं, विजयनगर जिले में 21,500 बुजुर्गों के टीकाकरण का लक्ष्य है। इसके लिए 7.52 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया गया है। योजना के दायरे में कूडलिगी, हडगली, हगरिबोम्मनहल्ली, हरपनहल्ली और होसपेट तालुक शामिल हैं।

बुजुर्गों को संक्रमण और गंभीर बीमारी से बचाना उद्देश्य

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, न्यूमोकोकल संक्रमण से बुजुर्गों को बचाना और संक्रमण की रोकथाम से जुड़ी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है।

वर्तमान में नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के तहत पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों तथा 10 और 16 वर्ष के किशोरों को टीके लगाए जाते हैं। लेकिन राज्य में वरिष्ठ नागरिकों की संख्या बढ़ रही है। इसके साथ ही ऐसी दीर्घकालिक बीमारियां भी बढ़ रही हैं, जिनसे न्यूमोकोकल संक्रमण का खतरा और गंभीर हो सकता है। इसलिए 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए लक्षित टीकाकरण जरूरी माना गया है।

विभागों का कहना है कि संक्रमण के अधिक जोखिम वाले बुजुर्गों को न्यूमोकोकल कॉन्जुगेट वैक्सीन (पीसीवी) लगाने से संक्रमण, गंभीर जटिलताओं, अस्पताल में भर्ती होने और मृत्यु के मामलों में कमी लाई जा सकती है। प्रस्ताव में कहा गया है कि यह पहल विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप है। डब्ल्यूएचओ ने बाल्यावस्था में न्यूमोकोकल टीकाकरण लागू करने वाले देशों को स्थानीय स्तर पर बीमारी के बोझ और खर्च की प्रभावशीलता को ध्यान में रखते हुए वयस्कों के टीकाकरण पर विचार करने की सलाह दी है।

न्यूमोकोकल संक्रमण

न्यूमोकोकल बैक्टीरिया के संक्रमण से फेफड़ों में संक्रमण, निमोनिया और मेनिन्जाइटिस जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। बुखार, तेज खांसी, सीने में दर्द और सांस लेने में परेशानी इसके प्रमुख लक्षण हैं।

बढ़ती उम्र के साथ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो सकती है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में न्यूमोकोकल टीका गंभीर संक्रमण और उससे होने वाली जटिलताओं के जोखिम को कम करने में मददगार है।

केएमईआरसी की 32वीं बैठक में मंजूरी

हाल ही में हुई केएमईआरसी की 32वीं बैठक में दोनों जिलों के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इसके बाद संबंधित विभाग योजना के क्रियान्वयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाएंगे।
-के. नागेंद्र प्रसाद, जिलाधिकारी

 

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By Bharat Ki Awaz

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