नदी किनारे की बाड़ पार कर रिहायशी इलाकों तक पहुंचे जलचर
वन विभाग से सख्त कार्रवाई की मांग
दांडेली (उत्तर कन्नड़). पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हालमड्डी गांव में स्थापित मगरमच्छ पार्क अब स्थानीय लोगों के लिए खतरे का कारण बनता जा रहा है। काली नदी में मगरमच्छों की संख्या बढऩे के साथ ही वे पार्क की सीमाओं से निकलकर आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंचने लगे हैं।
पिछले पांच वर्षों में मगरमच्छों के हमलों में चार लोगों की जान जा चुकी है। बरसात के मौसम में स्थिति और भयावह हो जाती है, जब ये जलचर सडक़ों, खेतों और नालों तक पहुंच जाते हैं। पशुओं पर हमले की घटनाएं भी सामने आई हैं।
वन विभाग ने नदी किनारे लोहे की सुरक्षा बाड़ लगाई है ताकि महिलाएं कपड़े व बर्तन धोने के लिए नदी में न उतरे। बावजूद इसके, मगरमच्छ अब बाड़ पार कर महिलाओं और बच्चों के उपयोग स्थलों तक पहुंच रहे हैं।
पुराना दांडेली, अलायड क्षेत्र, कोगिलबन और शिव मंदिर इलाकों में लोग भयभीत हैं। स्थानीय निवासियों ने वन विभाग से सुरक्षा बाड़ की नियमित जांच, प्रवेश मार्गों की निगरानी और जनसुरक्षा के ठोस उपाय करने की मांग की है।

