बेटी की तबीयत बिगड़ी तो आधी रात डीसी दफ्तर पहुंचा पितागोद में बीमार बच्ची लेकर जिलाधिकारी दफ्तर के सामने प्रदर्शन करता पिता।

गोद में बीमार बच्ची लेकर प्रदर्शन; पूछा—बच्चों की सेहत से ज्यादा जरूरी है डीसी की नींद?

रायचूर। डीजे की तेज आवाज से छोटी बेटी की तबीयत बिगडऩे का आरोप लगाते हुए बीएसपी जिलाध्यक्ष जयभीम वल्लभ शुक्रवार आधी रात अपनी बेटी को गोद में लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच गए। रात करीब 2 बजे डीसी कार्यालय के सामने धरना देकर उन्होंने रात में डीजे और तेज ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल पर सख्ती से रोक लगाने की मांग की।

गोल मार्केट इलाके के निवासी जयभीम वल्लभ का आरोप है कि डीजे की तेज आवाज को लेकर पुलिस की ओर से प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं, लेकिन उनका प्रभावी पालन नहीं हो रहा। लगातार तेज आवाज से छोटे बच्चों, बुजुर्गों और अन्य लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने दावा किया कि इसी शोर के कारण उनकी छोटी बेटी की तबीयत भी खराब हुई।

बच्चों की सेहत ज्यादा जरूरी या डीसी की नींद?

रात में जिलाधिकारी (डीसी) से मुलाकात संभव नहीं होने की बात कहकर पुलिसकर्मियों ने उन्हें सुबह मिलने का आश्वासन दिया। इस पर वल्लभ ने सवाल उठाया कि बच्चों की सेहत से ज्यादा जरूरी डीसी की नींद है क्या? उन्होंने समस्या का समाधान होने तक कार्यालय के सामने बैठे रहने की बात कही।

इसके बाद पुलिस ने उन्हें समझाया और बच्ची को अस्पताल ले जाकर स्वास्थ्य जांच कराने तथा सुबह जिलाधिकारी से मुलाकात कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद उन्होंने प्रदर्शन समाप्त कर दिया।

रात में डीजे पर फिर सवाल

इस घटना ने रात में डीजे और तेज ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल को लेकर प्रशासन की निगरानी और नियमों के पालन पर सवाल खड़े किए हैं। पिता द्वारा बीमार बच्ची को गोद में लेकर आधी रात किया गया प्रदर्शन अब शहर में चर्चा का विषय बन गया है। जिला प्रशासन और पुलिस इस मामले में आगे क्या कार्रवाई करते हैं, इस पर नजर है।

 

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By Bharat Ki Awaz

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