20 मई से सुरेखा का पता नहीं
परिजनों ने सहकर्मी पर लगाया गंभीर आरोप
हाईकोर्ट में दायर की हेबियस कॉर्पस याचिका
कलबुर्गी। गारमेंट्स कंपनी में काम करने वाली 22 वर्षीय युवती के अचानक लापता होने का मामला अब हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि युवती को उसी गारमेंट्स में काम करने वाला एक युवक बांग्लादेश ले गया और वहां उसे शारीरिक तथा मानसिक प्रताडऩा दी जा रही है। युवती की सुरक्षित बरामदगी की मांग को लेकर परिवार ने कर्नाटक हाईकोर्ट में हेबियस कॉर्पस याचिका दायर की है। मामले में 23 सितंबर को आदेश आने की जानकारी परिवार की ओर से दी गई है।
लापता युवती की पहचान हीरेनंदूर स्टेशन तांडा निवासी सुरेखा पवार के तौर पर की गई है। वह नंदूर औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक गारमेंट्स में काम करती थीं। परिजनों के अनुसार, 20 मई को वह एक सहकर्मी युवक के साथ काम पर गईं, लेकिन इसके बाद घर नहीं लौटीं। काफी तलाश के बाद परिवार ने गुलबर्गा विश्वविद्यालय पुलिस थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।
कथित पत्र ने बढ़ाई चिंता
परिजनों का दावा है कि युवती के घर छोडऩे के बाद उसकी ओर से बहन के नाम लिखा एक पत्र मिला। इसमें गारमेंट्स में काम के दौरान कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से परेशान किए जाने की बात कही गई है। पत्र में कुछ लोगों के नाम और उनके बांग्लादेशी होने का उल्लेख किए जाने का भी परिवार का दावा है।
अब सबसे बड़ा सवाल सुरेखा कहां हैं और किन परिस्थितियों में हैं? क्या वह अपनी इच्छा से गईं या उन्हें कहीं ले जाया गया—इन सवालों के जवाब अभी सामने नहीं आए हैं।
हाईकोर्ट में दाखिल याचिका के जरिए परिवार ने युवती को अदालत के समक्ष पेश कराने और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। पुलिस जांच और न्यायालयीन प्रक्रिया जारी है। कथित पत्र और उसमें लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। 23 सितंबर के आदेश से मामले की अगली दिशा स्पष्ट होने की उम्मीद है।
Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?
अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें
हर खबर सबसे पहले
Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z

