दावणगेरे में भीषण गर्मी से सुपारी फसल पर संकट

40 प्रतिशत तक नुकसान की आशंका

नमी की कमी से झड़ रहे फल, किसानों की बढ़ी चिंता

राहत के लिए बारिश जरूरी

दावणगेरे. जिले में इस बार की भीषण गर्मी ने बागवानी किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खासकर जिले की प्रमुख वाणिज्यिक फसल सुपारी नमी की कमी के कारण गंभीर संकट से गुजर रही है।

लगातार 36-38 डिग्री सेल्सियस तापमान से बढ़ी परेशानी
पिछले 8-10 दिनों से तापमान 36 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण सुपारी के पेड़ों से फल (गुच्छे) झडऩे लगे हैं। किसानों का कहना है कि नमी बनाए रखने के प्रयास भी इस गर्मी के सामने नाकाफी साबित हो रहे हैं।

30-40 प्रतिशत तक उत्पादन घटने का अनुमान
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यदि अगले दो सप्ताह तक बारिश नहीं हुई, तो सुपारी उत्पादन में 30 से 40 प्रतिशत तक गिरावट हो सकती है। हालांकि, हल्की बारिश होने पर स्थिति में सुधार संभव है।

नारियल फसल पर भी असर, लेकिन नुकसान कम
नारियल के पेड़ों में भी फल झडऩे की समस्या सामने आई है, लेकिन यह सालभर की फसल होने के कारण बारिश के बाद नए फल आ सकते हैं। इसलिए इसका नुकसान अपेक्षाकृत कम माना जा रहा है।

किसानों की बढ़ी चिंता
सुपारी किसान शशिकुमार ने बताया कि पिछले 15-20 दिनों से सुपारी और नारियल दोनों के फल गिर रहे हैं। अगर इस दौरान थोड़ी बारिश हो जाती, तो नुकसान कम हो सकता था।

नमी प्रबंधन ही बचाव का उपाय
बागवानी विभाग के संयुक्त निदेशक जी. राघवेंद्र प्रसाद ने कहा कि सुपारी फसल के इस चरण में पानी बेहद जरूरी होता है। गर्म हवाओं के कारण नुकसान तय है, इसलिए तत्काल बारिश की जरूरत है।

उन्होंने किसानों को सलाह दी कि पेड़ों के आसपास मल्चिंग (मिट्टी ढकना) करें। खेत में जुताई से बचें। स्प्रिंकलर और ड्रिप सिंचाई का उपयोग करें। पेड़ों के आसपास हरी बाड़ (ग्रीन कवर) लगाएं। मिश्रित खेती अपनाएं।

जिले में बड़े पैमाने पर खेती
दावणगेरे जिले में करीब 1.80 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सुपारी की खेती होती है, जिसमें से 60-70 हजार हेक्टेयर में उत्पादन हो रहा है। वहीं करीब 7,000 हेक्टेयर में नारियल की खेती की जाती है।

 

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By Bharat Ki Awaz

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