टीवीके प्रमुख विजय से बहुमत साबित करने को कहा
गठबंधन की कोशिशें तेज
चेन्नई: तमिलनाडु की राजनीति में सरकार गठन को लेकर नया मोड़ आ गया है। राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने तमिलिग वेत्रि कडग़म (टीवीके) प्रमुख विजय से स्पष्ट रूप से पूछा है कि उनके पास सरकार बनाने के लिए आवश्यक संख्या कहां है। इस सवाल ने राज्य की सियासत को और गर्मा दिया है।
टीवीके प्रमुख विजय ने चेन्नई स्थित राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार गठन का दावा पेश किया। उन्होंने समर्थन का पत्र भी सौंपा, लेकिन राज्यपाल ने उन्हें पहले बहुमत सिद्ध करने की सलाह दी। इसके बाद टीवीके ने अपने संख्याबल को मजबूत करने के प्रयास तेज कर दिए हैं।
बहुमत के लिए जद्दोजहद
विधानसभा चुनाव में टीवीके को 108 सीटें मिली हैं, जबकि बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत है। ऐसे में पार्टी को 10 और विधायकों के समर्थन की आवश्यकता है। कांग्रेस ने अपने पांच विधायकों का समर्थन देने का संकेत दिया है, जिससे विजय को कुछ राहत मिली है।
अन्य दलों से बातचीत जारी
दो सीटें जीतने वाली विदुथलाई चिरुथिगल कच्ची (वीसीके) और वामपंथी दलों—भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी—से भी समर्थन के लिए बातचीत चल रही है। इन दलों ने निर्णय लेने के लिए कुछ समय मांगा है।
एआईएडीएमके में हलचल
इस बीच 47 सीटें जीतने वाली अन्नाद्रमुक (एआईएडीएमके) के 30 से अधिक विधायक टीवीके को बाहरी समर्थन देने पर विचार कर रहे हैं। हालांकि इससे एआईएडीएमके के भीतर मतभेद बढऩे की आशंका जताई जा रही है।
राजनीतिक माहौल गरमाया
वहीं एम.के. स्टालिन की पार्टी द्रविड़ मुनेत्र कडग़म (डीएमके) ने कांग्रेस के रुख की आलोचना करते हुए इसे अवसरवादी राजनीति करार दिया है।
तमिलनाडु की राजनीति में तेजी से बदलते घटनाक्रम के बीच अब सभी की नजरें इस पर टिकी हैं कि क्या विजय बहुमत जुटाकर सरकार बना पाएंगे और क्या वे मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकेंगे।
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