पांच राज्यों के नतीजों में मुस्लिम उम्मीदवारों का दबदबा

कांग्रेस की रणनीति पर चर्चा

असम में 19 में से 18 मुस्लिम विधायक, केरल और बंगाल में भी उल्लेखनीय सफलता

भाजपा का कई क्षेत्रों में बढ़ता प्रभाव

गुवाहाटी: पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद एक महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है कि कांग्रेस से विजयी उम्मीदवारों में बड़ी संख्या मुस्लिम समुदाय से है। विशेष रूप से असम में यह रुझान स्पष्ट रूप से दिखाई दिया है।

असम में अनोखा परिणाम

असम की 126 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस ने 19 सीटें जीतीं, जिनमें से 18 विधायक मुस्लिम हैं। पार्टी ने कुल 20 मुस्लिम उम्मीदवार मैदान में उतारे थे, जिनमें केवल दो ही पराजित हुए। इसके विपरीत, 79 गैर-मुस्लिम उम्मीदवारों में से केवल एक ही जीत दर्ज कर सका। कांग्रेस की सहयोगी पार्टी रायजोर दल ने भी 2 सीटें जीतीं, जिनमें एक मुस्लिम उम्मीदवार शामिल है, जबकि दूसरी सीट अखिल गोगोई ने जीती।

केरल और बंगाल में भी प्रभाव

केरल की 140 सीटों में से 35 मुस्लिम उम्मीदवार विजयी रहे, जिनमें से 30 कांग्रेस-नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा से जुड़े हैं। इनमें 8 कांग्रेस और 22 भारतीय यूनियन मुस्लिम लीग के विधायक हैं।

पश्चिम बंगाल में कांग्रेस ने 2 सीटें जीतीं और दोनों ही मुस्लिम उम्मीदवार रहे। पार्टी ने यहां 63 मुस्लिम उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था, जो अन्य दलों की तुलना में अधिक है।

तमिलनाडु में भी मौजूदगी

तमिलनाडु में कांग्रेस ने 2 मुस्लिम उम्मीदवार उतारे, जिनमें से एक ने जीत हासिल की। असम और केरल में कांग्रेस और उसके सहयोगियों के मुस्लिम उम्मीदवारों की जीत का प्रतिशत 80 से अधिक रहा।

केरल में भाजपा का उभार

केरल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 3 सीटें जीतकर नया इतिहास बनाया है, साथ ही 6 सीटों पर दूसरे स्थान पर रही। तिरुवल्ला, पालक्काड, मलमपुझा, अट्टिंगल, कासरगोड और मंजेश्वर में पार्टी का प्रदर्शन पहले की तुलना में बेहतर रहा है।

बंगाल में भाजपा का विस्तार

पश्चिम बंगाल के मुस्लिम बहुल जिलों—मुर्शिदाबाद, मालदा और उत्तर दिनाजपुर में भाजपा ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। इन 43 सीटों में पार्टी की ताकत 8 से बढक़र 19 हो गई, जबकि तृणमूल कांग्रेस की सीटें 35 से घटकर 22 रह गईं। विश्लेषकों के अनुसार, मुस्लिम मतों के विभाजन से भाजपा को लाभ मिला।

टीएमसी को झटका

राज्य की 23 जिलों में से 9 जिलों में तृणमूल कांग्रेस को कोई सीट नहीं मिली, जिससे पार्टी को बड़ा झटका लगा है। भाजपा की बढ़ती पकड़ ने राज्य की राजनीति में नया समीकरण खड़ा कर दिया है।

 

Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?

अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें

हर खबर सबसे पहले

Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z

Spread the love

By Bharat Ki Awaz

मैं भारत की आवाज़ हिंदी न्यूज़ पोर्टल से जुड़ा हुआ हूँ, जहाँ मेरा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और ताज़ा ख़बरें पहुँचाना है। राजनीति, समाज, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों पर गहरी रुचि रखते हुए मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि समाचार केवल सूचना न हों, बल्कि पाठकों को सोचने और समझने का अवसर भी दें। मेरी लेखनी का मक़सद है—जनता की आवाज़ को मंच देना और देश-समाज से जुड़े हर पहलू को ईमानदारी से प्रस्तुत करना। भारत की आवाज़ के माध्यम से मैं चाहता हूँ कि पाठक न केवल ख़बरें पढ़ें, बल्कि उनसे जुड़ाव महसूस करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *