हुब्बल्ली-धारवाड़ को महानगरीय शहर बनाने की मांगकर्नाटक वाणिज्य एवं उद्योग संस्था के सभागार में फोरम की ओर से आयोजित सार्वजनिक संवाद को संबोधित करते हुए फोरम के संचालक संतोष नरगुंद।

बेंगलूरु की तर्ज पर एचडीएमए गठित करने का आग्रह

नगर निगम विभाजन का विरोध

हुब्बल्ली। हुब्बल्ली-धारवाड़ के समग्र एवं सुनियोजित विकास के लिए ग्रेटर बेंगलूरु प्रशासन प्राधिकरण विधेयक-2024 की तर्ज पर हुब्बल्ली-धारवाड़ महानगरीय (मेट्रोपॉलिटन) प्राधिकरण (एचडीएमए) गठित करने की मांग उठी है। हुब्बल्ली-धारवाड़ मेट्रोपॉलिटन सिटी फोरम के संचालक संतोष नरगुंद ने यह मांग रखी।

वे कर्नाटक वाणिज्य एवं उद्योग संस्था के सभागार में फोरम की ओर से आयोजित सार्वजनिक संवाद में बोल रहे थे।

विशेषज्ञ समिति गठित करने की मांग

नरगुंद ने कहा कि एचडीएमए के गठन के लिए विशेषज्ञों की समिति बनाकर वैज्ञानिक अध्ययन कराना चाहिए। इसके दायरे में हेस्कॉम, शहरी परिवहन, के-राइड और हुब्बल्ली-धारवाड़ विकास प्राधिकरण सहित प्रमुख स्थानीय संस्थाओं को शामिल करना चाहिए। प्राधिकरण में मुख्य सचिव स्तर के आइएएस अधिकारियों की नियुक्ति तथा वार्ड कार्यालय स्थापित कर अधिकारों का प्रभावी विकेंद्रीकरण किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि देश के 46 महानगरीय शहरों में कर्नाटक से केवल बेंगलूरु शामिल है। हुब्बल्ली-धारवाड़ भी महानगरीय शहर बनने की पूरी पात्रता रखता है। महानगरीय दर्जा मिलने से निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा लोगों का जीवन स्तर बेहतर होगा।

नगर निगम विभाजन का विरोध

उद्योगपति जगदीश हिरेमठ ने कहा कि शहर के 99 प्रतिशत लोग नगर निगम के विभाजन के विरोध में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों के दबाव में निगम को विभाजित किया जा रहा है।

सार्वजनिक संवाद में लोगों ने निगम विभाजन के खिलाफ आंदोलन शुरू करने, इसकी गतिविधियां धारवाड़ से भी संचालित करने तथा अलग मंच गठित कर विरोध प्रदर्शन करने का सुझाव दिया। जनजागरूकता के लिए पर्चे बांटने और विज्ञापन प्रदर्शित करने की भी बात कही गई।

बैठक में पूर्व महापौर हनुमंत डंबल, उद्योगपति प्रकाश पाटील और विजय गुंट्राल सहित अन्य उपस्थित थे।

प्रमुख प्रस्ताव

बैठक में हुब्बल्ली-धारवाड़ महानगर निगम का विभाजन नहीं करने, शहर के सर्वांगीण विकास के लिए विशेषज्ञ समिति गठित कर अध्ययन कराने और हुब्बल्ली-धारवाड़ को महानगरीय शहर घोषित करने का प्रस्ताव पारित किया गया। इस संबंध में मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, नगर विकास मंत्री यतींद्र सिद्धरामय्या तथा जिला प्रभारी मंत्री संतोष लाड से मुलाकात कर मांगों से अवगत कराने का निर्णय लिया गया।

 

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By Bharat Ki Awaz

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