पर्यटन स्थलों की स्वच्छता और सुरक्षा पर दिया जोर
गदग। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर गदग में पर्यटन स्थलों की स्वच्छता, सुरक्षा और संरक्षण का संदेश दिया गया। जिला पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुकुल जैन ने कहा कि कर्नाटक ऐतिहासिक और प्राकृतिक पर्यटन संपदा से समृद्ध है। गदग में त्रिकूटेश्वर मंदिर और लक्कुंडी जैसे कई महत्वपूर्ण स्थल हैं, जिनकी पूरी क्षमता का उपयोग तभी संभव है, जब स्वच्छता, पर्यटकों की सुरक्षा और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण को प्राथमिकता दी जाए।
शहर के बसवेश्वर प्रतिमा उद्यान स्थित भीष्म तालाब विहारधाम में जिला प्रशासन, जिला पंचायत, पर्यटन विभाग और जिला एनएसएस इकाई के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में जैन ने विद्यार्थियों से कहा कि वे जहां भी जाएं, स्वच्छता, स्वास्थ्य, अनुशासन और अच्छे व्यवहार का परिचय दें।
पर्यटन केवल घूमना नहीं, अर्थव्यवस्था का आधार
जिला पंचायत उप सचिव सी.आर. मुंडरगी ने कहा कि पर्यटन मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि संस्कृति के संरक्षण और आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण आधार है। पर्यटकों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं, आतिथ्य और सुरक्षा मिलने से स्थानीय व्यवसाय और रोजगार के अवसर बढ़ते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से ऐतिहासिक एवं पारंपरिक स्थलों का भ्रमण कर उनके महत्व को समझने और भावी पीढ़ी तक पहुंचाने का आह्वान किया।
पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक कोट्रेश विभूति ने कहा कि विश्व पर्यटन दिवस की शुरुआत 1980 में हुई थी। पर्यटन होटल, नौकायन, रिसॉर्ट और स्थानीय उद्योगों के विकास को भी गति देता है।
समाज कल्याण विभाग की उप निदेशक डॉ. नंदा हणबरहट्टी ने कहा कि पर्यटन स्थलों की स्वच्छता केवल सफाईकर्मियों या अधिकारियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक और पर्यटक का दायित्व है।
व्याख्याता दत्त प्रसन्न पाटील ने पर्यटन में डिजिटल तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में चित्रकला एवं निबंध प्रतियोगिता के विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर डीवाइएसपी मुर्तुजा खादरी, उप निदेशक आर.एस. बुरडी सहित अधिकारी, विद्यार्थी और अन्य उपस्थित थे।
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