स्वतंत्र, निष्पक्ष व पारदर्शी चुनाव का भरोसा; आरोप-प्रत्यारोप के बीच आयोग सख्त
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान 23 अप्रेल को आयोजित किया जाएगा। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने भरोसा दिलाया है कि चुनाव पूरी तरह स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराए जाएंगे।
चुनाव प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में सीईसी ने स्पष्ट किया कि मतदान प्रक्रिया के दौरान भय, हिंसा और किसी भी प्रकार के दबाव को पूरी तरह समाप्त करने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि मतदाताओं को सुरक्षित और स्वतंत्र वातावरण उपलब्ध कराना चुनाव आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
चुनाव आयुक्त ने दोहराया कि राज्य सरकार, स्थानीय निकायों या किसी भी स्वायत्त संस्था के कर्मचारी को चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि किसी स्तर पर हस्तक्षेप की कोशिश होती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पक्ष में काम कर रहा है। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें निराधार बताया है।
मुद्दा मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण को लेकर भी गरमाया हुआ है। टीएमसी का आरोप है कि इस प्रक्रिया के जरिए जानबूझकर कुछ मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं, जिससे भाजपा को लाभ मिल सके। वहीं, चुनाव आयोग और भाजपा दोनों ने इन आरोपों को असत्य और भ्रामक बताया है।
चुनावी कार्यक्रम के अनुसार, राज्य में दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रेल को होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब सभी की नजर इस बात पर है कि चुनाव कितने शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न होते हैं।
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