राजस्व अधिकारियों की कार्रवाई पर किसानों का आक्रोश
दो एकड़ में ज्वार और एक एकड़ में कपास की फसल बर्बाद
मुआवजे व कार्रवाई की मांग
यादगीर। जिले में हाईकोर्ट के आदेश को लागू कराने के दौरान कथित लापरवाही से तीन एकड़ में खड़ी फसल नष्ट होने का मामला सामने आया है। वडगेरा की तहसीलदार मंगला पर आरोप है कि जमीन का सर्वे नंबर और उपखंड सही ढंग से जांचे बिना ट्रैक्टर पड़ोसी किसानों के खेत में उतार दिया गया, जिससे ज्वार और कपास की फसल बर्बाद हो गई। घटना के बाद तेकड़ाल गांव के किसानों और ग्रामीणों ने मौके पर ही तहसीलदार तथा राजस्व कर्मचारियों से जवाब मांगा।
जानकारी के अनुसार, होन्नम्मा बावूर को जमीन का कब्जा दिलाने के लिए हाईकोर्ट ने आदेश दिया था। इसे लागू कराने तहसीलदार मंगला राजस्व विभाग के कर्मचारियों के साथ यादगीर जिले के वडगेरा तालुक के तेकड़ाल गांव पहुंचीं। आरोप है कि कब्जा दिलाने की कार्रवाई से पहले जमीन के सर्वे नंबर और हिस्सों का समुचित सत्यापन नहीं किया गया। इसके बाद ट्रैक्टर पड़ोसी खेत में चला गया और वहां खड़ी फसल नष्ट हो गई।
तीन एकड़ की फसल बर्बाद
प्रभावित किसानों के अनुसार, सर्वे नंबर 253 के अलग-अलग हिस्सों में बोई गई फसल को नुकसान पहुंचा है। एक किसान की दो एकड़ में उगाई गई ज्वार की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई, जबकि दूसरे किसान की एक एकड़ में लगी कपास की फसल भी बर्बाद हो गई। इस तरह कुल तीन एकड़ में खड़ी फसल को नुकसान पहुंचने का दावा किया गया है।
फसल बर्बाद होने से प्रभावित किसान सदमे में हैं। उन्होंने प्रशासन से नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा देने और मामले की जांच कराने की मांग की है। किसानों ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की भी मांग उठाई है।
ग्रामीणों का कहना है कि न्यायालय के आदेश को लागू करने की प्रक्रिया में जमीन की सही पहचान और सीमाओं का सत्यापन जरूरी है, ताकि किसी निर्दोष किसान की फसल को नुकसान न पहुंचे। अब प्रशासन की जांच और कार्रवाई पर प्रभावित किसानों की नजर है।
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