रेलवे को 14 मार्च तक पुनस्र्थापना का अल्टीमेटम
वॉकर्स ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
हुब्बल्ली. शहर में केश्वापुर स्थित रेलवे गोल्फ मैदान परिसर से स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा और बन्नी महाकाली मंदिर हटाए जाने के विरोध में मंगलवार को मॉर्निंग वॉक करने वाले लोगों ने अचानक विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने रेलवे प्रशासन को 14 मार्च तक प्रतिमा की पुनस्र्थापना और मंदिर के पुनर्निर्माण का अल्टीमेटम दिया है।
गोल्फ मैदान में रेलवे अधिकारियों के आवास के पास बन्नी के पेड़ के नीचे स्थित महाकाली मंदिर और कुछ दूरी पर स्थापित लगभग पांच फीट ऊंची स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा को सोमवार को हटा दिया गया था। मंगलवार सुबह टहलने पहुंचे लोगों ने जब इसे देखा तो रेलवे विभाग के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस भी हुई।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस मैदान में स्थानीय लोग वर्षों से सुबह-शाम टहलने आते हैं और यहां स्थित बन्नी महाकाली मंदिर में पूजा-अर्चना करते रहे हैं। अचानक मंदिर और प्रतिमा हटाना धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कदम है।
वॉकर्स में से बसवराज कुंदगोलमठ ने कहा कि अधिकारियों ने बिना सूचना मंदिर हटाकर वहां कंपाउंड बना दिया और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा भी हटा दी। उन्होंने मांग की कि जिम्मेदार अधिकारी को तत्काल निलंबित किया जाए और 14 मार्च तक प्रतिमा व मंदिर को मूल स्थान पर पुन: स्थापित किया जाए।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।
यह विरोध प्रदर्शन गोल्फ लिंक ऑफिसर्स कॉलोनी वॉकर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष वेंकटेश हबीब के नेतृत्व में हुआ। इस दौरान प्रभु नवलगुंदमठ, चिदानंद पत्तार, के.वी. शिरकोळ, बसवराज शिरकोळ, शेखर जाधव और शिवकुमार हीरेमठ सहित कई लोग उपस्थित थे।

