कन्नड़ सीखने में कठिनाई के बावजूद बेहतर परिणाम
शिक्षकों की मेहनत और अभिभावकों की भागीदारी बनी सफलता की कुंजी
बेलगावी. जिले के सीमावर्ती तालुकों ने इस बार एसएसएलसी परीक्षा में उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए सभी का ध्यान आकर्षित किया है। महाराष्ट्र सीमा से लगे इन क्षेत्रों में भाषा संबंधी चुनौतियों के बावजूद छात्रों ने उत्कृष्ट अंक प्राप्त कर नई मिसाल कायम की है।
राज्य स्तर पर 12 छात्रों ने बनाई पहचान
अथणी तालुक के कटगेरी सरकारी हाईस्कूल की छात्रा प्रार्थना बिरादर पाटील ने 625 अंक हासिल कर राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं, इसी तालुक के आइगली के छात्र दशरथ भोसले तथा खानापुर की एक छात्रा ने 624 अंक के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। इसके अलावा तीन छात्रों ने तीसरा और छह छात्रों ने चौथा स्थान प्राप्त किया। कुल मिलाकर जिले के 12 छात्रों ने राज्य स्तर पर रैंक हासिल की।
निप्पाणी तालुक रहा अव्वल
चिक्कोडी शैक्षणिक जिले में निप्पाणी तालुक सर्वाधिक उत्तीर्ण प्रतिशत के साथ पहले स्थान पर रहा। कागवाड़ दूसरे, चिक्कोडी चौथे और हुक्केरी पांचवें स्थान पर रहे। बेलगावी शैक्षणिक जिले में खानापुर तालुक ने भी चौथा स्थान हासिल कर ग्रामीण शिक्षा की प्रगति को दर्शाया।
भाषा चुनौती के बीच सफलता
सीमावर्ती क्षेत्रों में मराठी भाषा का प्रभाव अधिक होने से कई छात्रों के लिए कन्नड़ माध्यम में पढ़ाई करना चुनौतीपूर्ण रहता है। इसके बावजूद शिक्षकों के विशेष प्रयासों और रणनीतियों के कारण छात्रों ने उत्कृष्ट परिणाम हासिल किए हैं।
शिक्षा विभाग की विशेष रणनीति
शिक्षकों ने छात्रों के अभिभावकों के साथ हर महीने बैठक कर घर पर अध्ययन को बढ़ावा दिया। धीमी गति से सीखने वाले छात्रों के लिए समूह अध्ययन की व्यवस्था की गई। रोज सुबह शिक्षकों द्वारा छात्रों के अभ्यास की निगरानी की जाती थी और अभिभावकों से संपर्क बनाए रखा गया। मोबाइल के अत्यधिक उपयोग पर भी नियंत्रण रखा गया।
उत्कृष्ट परिणाम आए
सीमावर्ती क्षेत्रों में इस बार उत्कृष्ट परिणाम आए हैं। पूरे वर्ष विभिन्न शैक्षणिक उपायों के माध्यम से छात्रों को प्रोत्साहित किया गया, जिसका सकारात्मक परिणाम देखने को मिला।
–सीतारामु, डीडीपीआई, चिक्कोडी
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