हूविनहडगली परिवहन डिपो में विरोध
25 से अधिक ग्रामीण बस मार्ग प्रभावित
हूविनहडगली (विजयनगर). हूविनहडगली परिवहन डिपो में संविदा पर कार्यरत 28 बस चालकों ने दो महीने से वेतन नहीं मिलने और तीन वर्षों से भविष्य निधि (पीएफ) जमा नहीं किए जाने के विरोध में मंगलवार को काम का बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। चालकों की हड़ताल के कारण 25 से अधिक ग्रामीण बस मार्गों पर बस सेवा ठप हो गई, जिससे ग्रामीण यात्रियों और विद्यार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शन कर रहे चालकों ने आरोप लगाया कि पूजा सिक्योरिटी सर्विस नामक एजेंसी पिछले दो महीनों से वेतन नहीं दे रही है। इसके अलावा पिछले तीन वर्षों से हर महीने वेतन से 2,800 रुपए पीएफ के नाम पर काटे जा रहे हैं, लेकिन यह राशि अभी तक पीएफ खाते में जमा नहीं की गई है। चालकों का कहना है कि नियमित वेतन नहीं मिलने से परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है।
चालकों ने बताया कि बच्चों की स्कूल फीस जमा नहीं होने के कारण स्कूल प्रबंधन ने एसएसएलसी परीक्षा के प्रवेश पत्र भी नहीं दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार ड्यूटी मिलने में भी अनियमितता होती है और बिना किसी गलती के 590 रुपए तक का जुर्माना लगाया जाता है। आठ घंटे की ड्यूटी के बाद अतिरिक्त समय के लिए 100 रुपए प्रति घंटा देने का नियम होने के बावजूद ओवरटाइम का भुगतान नहीं किया जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि एजेंसी से बकाया वेतन और काटी गई पीएफ राशि तुरंत जमा कराई जाए, हर महीने की 10 तारीख तक वेतन दिया जाए और संविदा चालकों के सेवा नियम स्पष्ट किए जाएं। उन्होंने कहा कि जब तक परिवहन विभाग एजेंसी के साथ चर्चा कर समस्याओं के समाधान का स्पष्ट आश्वासन नहीं देता, तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगे।
इस बीच होसपेट परिवहन विभाग के अधिकारी डिपो पहुंचे और चालकों को समझाने का प्रयास किया। केकेआरटीसी के वरिष्ठ मंडलीय नियंत्रक राजेश हुद्दार ने बताया कि एजेंसी की अवधि समाप्त हो चुकी है और उसके पास जमा 60 लाख रुपए की सुरक्षा राशि से चालकों का वेतन देने की प्रक्रिया की जाएगी। हड़ताल से बस संचालन प्रभावित हुआ है और जरूरत पडऩे पर विभाग अपने कर्मचारियों से बसें चलाने की व्यवस्था करेगा।

