ईडी की याचिका पर दिल्ली अदालत का आदेश
सबूत मिटाने और मनी लॉन्ड्रिंग में संलिप्तता के आरोप
नई दिल्ली. चुनावी रणनीति से जुड़ी संस्था आई-पैक के सह-संस्थापक एवं निदेशक विनेश चंदेल को दिल्ली की एक अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। यह कार्रवाई पश्चिम बंगाल में कथित कोयला घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई है।
ईडी की याचिका पर अदालत का फैसला
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश दीप्ति देवेश ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की याचिका स्वीकार करते हुए चंदेल को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। ईडी ने आरोप लगाया है कि आरोपी वित्तीय अनियमितताओं और अवैध धन हस्तांतरण में शामिल रहे हैं।
13 अप्रेल को हुई थी गिरफ्तारी
ईडी ने चंदेल को 13 अप्रेल को गिरफ्तार किया था और तब से वे एजेंसी की हिरासत में थे। जांच एजेंसी के अनुसार, यह मामला 28 मार्च को दर्ज किए गए मनी लॉन्ड्रिंग केस से जुड़ा है, जिसमें आई-पैक के खातों में हेरफेर और अवैध लेनदेन के आरोप सामने आए हैं।
सबूत मिटाने की कोशिश का आरोप
अदालत के आदेश में उल्लेख किया गया है कि जनवरी में कोलकाता में ईडी की छापेमारी के बाद चंदेल ने कर्मचारियों को ई-मेल और संवेदनशील डेटा हटाने के निर्देश दिए थे, जिससे जांच प्रभावित हो सकती थी। इस मामले में अन्य आरोपियों में प्रतीक जैन और ऋषि राज सिंह के नाम भी शामिल हैं।
राजनीतिक जुड़ाव और विवाद
2015 में स्थापित आई-पैक संस्था तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (टीएमके) जैसे दलों के लिए चुनावी रणनीति तैयार करती रही है। इसी बीच, ईडी ने आरोप लगाया कि कोलकाता स्थित कार्यालय पर छापे के दौरान ममता बनर्जी वहां पहुंचीं और कुछ दस्तावेज अपने साथ ले गईं, जिससे जांच में बाधा आई।
हालांकि, टीएमसी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ईडी चुनावी रणनीति से जुड़े दस्तावेज हासिल करने की कोशिश कर रही है।
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