कृषि-बागवानी को बड़ा नुकसान
हेस्कॉम के ढांचे को भी लाखों की क्षति
बेलगावी. जिले में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। रबी सीजन की फसलें कटाई से पहले ही तबाह हो गईं, जिससे किसान वर्ग गहरे संकट में आ गया है। किसानों ने जिला प्रशासन से तत्काल सर्वे कर मुआवजा देने की मांग की है।
जिले में गेहूं, ज्वार और गन्ना सहित करीब 106 हेक्टेयर कृषि फसलें नष्ट हो गई हैं। बारिश और ओलों की मार से खड़ी फसलें जमीन पर गिर गईं। गोकाक, रायबाग, चिक्कोडी और मूडलगी तालुक में सबसे अधिक नुकसान हुआ है। कटाई के लिए तैयार फसलें बर्बाद होने से किसानों को भारी आर्थिक झटका लगा है।
वहीं बागवानी फसलों को भी बड़ा नुकसान हुआ है। आम, अंगूर, तरबूज और अनार सहित करीब 150 हेक्टेयर क्षेत्र की फसलें प्रभावित हुई हैं। अथणी तालुक में 118 हेक्टेयर क्षेत्र में अंगूर, अनार और तरबूज की खेती को नुकसान पहुंचा है। विभागीय आकलन के अनुसार करीब 31.78 लाख रुपए का नुकसान हुआ है।
इस प्राकृतिक आपदा का असर बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा है। हेस्कॉम के अनुसार तेज बारिश से लगभग 50 बिजली खंभे, 4 ट्रांसफार्मर/उपकरण और करीब 1 किलोमीटर बिजली लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। कई गांवों में अंधेरा छा गया और लोगों को त्योहार भी बिना बिजली के मनाना पड़ा। पिछले तीन दिनों से मरम्मत कार्य जारी है।
सरकार को जल्द रिपोर्ट भेजी जाएगी
कृषि और बागवानी विभाग संयुक्त रूप से नुकसान का सर्वे कर रहे हैं और जल्द ही रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी, ताकि प्रभावित किसानों को राहत प्रदान की जा सके।
–एच.डी. कोलेकर, संयुक्त कृषि निदेशक

