दावणगेरे दक्षिण में बगावत की ‘कुश्ती’सादिक पहलवान।

दावणगेरे में बागी उम्मीदवार सादिक पहलवान का एलान

कांग्रेस पर अल्पसंख्यकों की अनदेखी का आरोप

दावणगेरे. कांग्रेस के बागी उम्मीदवार सादिक पहलवान ने स्पष्ट किया है कि वे किसी भी कीमत पर चुनावी मैदान से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी द्वारा अल्पसंख्यक और अहिंद वर्ग की उपेक्षा के विरोध में ही उन्होंने चुनाव लडऩे का निर्णय लिया है।

शहर में बुधवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए सादिक पहलवान ने कहा कि मेरे नामांकन वापस लेने की खबरें पूरी तरह झूठी हैं। इस तरह की अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया जाएगा। उन्होंने दो टूक कहा कि यह चुनाव उनके लिए सम्मान और समाज के अधिकारों की लड़ाई है।

उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी ने उलेमा और अल्पसंख्यक समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। मैं मैदान में बना रहूंगा। हमारे समाज के नेता जमीर अहमद ही नहीं, अगर भगवान भी आकर कहें, तब भी मैं नामांकन वापस नहीं लूंगा।

सादिक पहलवान ने कहा कि कांग्रेस नेताओं सिद्धरामय्या, डी.के. शिवकुमार और रणदीप सुरजेवाला की ओर से अल्पसंख्यकों की अनदेखी से जिले में असंतोष बढ़ा है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि यदि पार्टी चाहती है कि वे पीछे हटें, तो पहले समाज के वरिष्ठों और नाराज अहिंद वर्ग को मनाए।

उन्होंने कहा कि अन्य अल्पसंख्यक उम्मीदवारों के साथ उनका संपर्क बना हुआ है और सभी मिलकर कांग्रेस के खिलाफ एकजुट होकर लडऩे की रणनीति बना रहे हैं। भले ही जमीर अहमद प्रचार के लिए आएं, लेकिन इस बार जनता बदलाव चाहती है।

सादिक पहलवान ने चेतावनी दी कि इस उपचुनाव का असर 2028 के विधानसभा चुनावों पर भी पड़ेगा और इस बार अल्पसंख्यक समुदाय अपनी ताकत दिखाएगा।

 

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By Bharat Ki Awaz

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