शिक्षा विभाग के नए खेल परिपत्र से छात्रों-शिक्षकों में नाराजगी
स्कूल खेलकूद प्रतियोगिताएं अस्थायी रूप से स्थगित
कुंदापुर (उडुपी)। शिक्षा विभाग के नए खेल परिपत्र को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। 14 वर्ष से कम आयु के माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों को टीम के रूप में खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने की अनुमति नहीं देने के निर्णय के खिलाफ अभिभावकों ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने स्कूल खेलकूद प्रतियोगिताओं को अस्थायी रूप से स्थगित रखने का आदेश दिया है। इसके बाद शिक्षा विभाग ने भी न्यायालय के अगले आदेश तक सभी स्तर की स्कूल खेल प्रतियोगिताएं रोक दी हैं।
खेल तैयारियों पर लगा ब्रेक
नए नियम के अनुसार 14 वर्ष से कम आयु के विद्यार्थियों को टीम प्रतियोगिताओं में शामिल करने के बजाय चयन प्रक्रिया तक सीमित किए जाने से छात्रों और शिक्षकों में असंतोष है। प्रतियोगिताओं की तैयारी कर रहे विद्यालयों के लिए भी अचानक खेल गतिविधियां रुकना परेशानी का कारण बना है।
एसजीएफआइ के नियमों पर उठे सवाल
शिक्षा विभाग का कहना है कि वह स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसजीएफआइ) के नियमों का पालन कर रहा है। हालांकि, शिक्षकों और खिलाडिय़ों ने आयु वर्गीकरण को लेकर सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार सामान्यत: 14 वर्ष से कम आयु वर्ग में छठी, सातवीं और आठवीं कक्षा तथा 17 वर्ष से कम आयु वर्ग में नौवीं, दसवीं और ग्यारहवीं कक्षा के विद्यार्थी आते हैं।
ऐसे में 14 वर्ष से कम आयु के आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को टीम प्रतियोगिताओं में भाग लेने से रोकने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। शिक्षकों और अभिभावकों का तर्क है कि स्कूल स्तर की खेल प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में प्रतिभा, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और प्रतिस्पर्धात्मक दृष्टिकोण विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
‘बच्चों को पहले की तरह खेलने का अवसर मिले’
कुंदापुर के शारीरिक शिक्षा शिक्षक कुसुमाकर शेट्टी ने कहा कि पात्र विद्यार्थियों को पहले की तरह टीम प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर मिलना चाहिए, ताकि उनकी खेल प्रतिभा को उचित मंच मिल सके।
विद्यार्थी अभिभावक राजेश कावेरी ने कहा कि नियमों से विद्यार्थियों के खेल अधिकार और प्रतिभा प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
कुंदापुर की क्षेत्र शिक्षा अधिकारी शोभा शेट्टी ने बताया कि नए परिपत्र के अनुसार 14 वर्ष से कम आयु के बालक-बालिकाओं को टीम प्रतियोगिताओं में शामिल नहीं किया जा रहा है। इसे लेकर अभिभावक न्यायालय पहुंचे हैं। न्यायालय के अगले आदेश तक सभी प्रकार की स्कूल खेल प्रतियोगिताएं स्थगित हैं और विभाग न्यायालय के निर्णय की प्रतीक्षा कर रहा है।
Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?
अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें
हर खबर सबसे पहले
Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z

