कलबुर्गी पीठ ने पुरानी चयन सूचियां रद्द कीं
तीन महीने में नई सूची बनाने का निर्देश
कलबुर्गी। कल्याण कर्नाटक क्षेत्र में कक्षा 6 से 8 तक के लिए पदवीधर प्राथमिक विद्यालय शिक्षक (जीपीएसटीआर) भर्ती मामले में कर्नाटक हाईकोर्ट की कलबुर्गी पीठ ने महत्वपूर्ण आदेश दिया है। पीठ ने कल्याण कर्नाटक (एचके) और शेष कर्नाटक (नॉन-एचके) अभ्यर्थियों की चयन प्रक्रिया में सामने आए विवाद के मद्देनजर पुरानी अस्थायी और अंतिम चयन सूचियों को रद्द कर दिया है। न्यायालय ने शिक्षा विभाग को नियमों के अनुसार सभी पात्र अभ्यर्थियों पर विचार करते हुए तीन महीने के भीतर नई चयन प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है।
राज्य सरकार ने 2021-22 में 15 हजार जीपीएसटीआर शिक्षकों की भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की थी। संविधान के अनुच्छेद 371जे के तहत कल्याण कर्नाटक और गैर-कल्याण कर्नाटक संवर्ग के पदों के बंटवारे तथा आरक्षण को लेकर विवाद पैदा हुआ था। फरवरी 2023 में जारी कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के परिपत्र के बाद चयन प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों ने न्यायालय का रुख किया था।
पहले से नियुक्त शिक्षकों की स्थिति पर नजर
पुरानी प्रक्रिया के आधार पर नियुक्त होकर विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की सेवा स्थिति को लेकर अब शिक्षा विभाग के अगले कदम पर नजर है। नई चयन सूची बनने के बाद संभावित बदलावों को लेकर विभाग की ओर से स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाने की आवश्यकता होगी। स्कूलवार रिक्तियां, संवर्गवार पद और काउंसलिंग के मानदंड स्पष्ट करना भी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा रहेगा।
गौरतलब है कि 2026 की एक अलग 15 हजार शिक्षक भर्ती प्रक्रिया भी वर्तमान में चल रही है और उसके आवेदन 25 सितंबर 2026 तक स्वीकार किए जा रहे हैं। इसलिए दोनों भर्ती प्रक्रियाओं को अलग-अलग समझना जरूरी है।
कर्नाटक हाईकोर्ट में तीन अतिरिक्त न्यायमूर्ति नियुक्त
कर्नाटक हाईकोर्ट में तीन अतिरिक्त न्यायमूर्तियों की नियुक्ति को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। केंद्र के कानून एवं न्याय मंत्रालय की ओर से शनिवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई। नियुक्त किए गए न्यायमूर्तियों में मैसूरु प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय की न्यायाधीश उषारानी, बेंगलूरु प्रधान सिटी सिविल एवं सत्र न्यायाधीश के.एस. भरतकुमार तथा कानून विभाग की प्रधान सचिव एन.वी. भवानी शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाले कॉलेजियम ने 10 सितंबर को तीनों नामों की अतिरिक्त न्यायमूर्ति के रूप में नियुक्ति की सिफारिश की थी। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्रालय ने नियुक्ति संबंधी अधिसूचना जारी की।
तीनों न्यायमूर्तियों के कार्यभार संभालने के बाद कर्नाटक हाईकोर्ट की बेंगलूरु प्रधान पीठ तथा धारवाड़ और कलबुर्गी पीठों में न्यायमूर्तियों की संख्या 57 हो जाएगी। इसके बावजूद हाईकोर्ट में पांच पद रिक्त रहने की जानकारी दी गई है।
तीन नए न्यायमूर्तियों की नियुक्ति से लंबित मामलों के निस्तारण तथा विभिन्न पीठों में न्यायिक कार्य के संचालन को गति मिलने की उम्मीद है।
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