बस-कार टक्कर के बाद लगी आग
कर्मचारी उमेश बिरादार बने मसीहा
10 वर्षीय बालक को भी बचाया
यादगीर. जिले के सुरपुर तालुक के शांतपुर क्रॉस के पास हुए भीषण सडक़ हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। निजी स्लीपर बस और कार के बीच आमने-सामने की टक्कर में एक ही परिवार के 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। कार में सवार कुल 10 लोगों में से केवल एक 10 वर्षीय बालक ही जीवित बच पाया।
हादसे में मानवता की मिसाल
इस भयावह दुर्घटना के बीच बस में सफर कर रहे उमेश बिरादार ने साहस और मानवता की मिसाल पेश की। उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर बस में फंसे करीब 20 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला और कार में फंसे इकलौते जीवित बालक को भी बचाया।
आग के बीच बचाया मासूम
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी भीषण थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें आग लग गई। इसी दौरान रोते हुए बच्चे की आवाज सुनकर उमेश बिरादार ने स्थानीय लोगों की मदद से उसे बाहर निकाला। आग तेजी से फैल रही थी, लेकिन उन्होंने खतरे की परवाह किए बिना बच्चे को सुरक्षित निकालकर एंबुलेंस के जरिए अस्पताल भिजवाया।
सरकारी कर्मचारी हैं उमेश
उमेश बिरादार कलबुर्गी जिलाधिकारी कार्यालय में आपदा प्रबंधन विभाग में कार्यरत हैं। वे बेंगलूरु में आयोजित बैठक में शामिल होकर बस से लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ।
जनप्रतिनिधि भी हुए भावुक
हादसे में मृतकों का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें क्षेत्रीय विधायक बसनगौड़ा दद्दल भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत अत्यंत दुखद है। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति और परिजनों को दुख सहने की शक्ति दे।
यह हृदयविदारक घटना जहां एक ओर गहरा दुख छोड़ गई, वहीं उमेश बिरादार के साहसिक कार्य ने मानवता की मिसाल पेश कर सभी का दिल जीत लिया।
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