जेस्कॉम पर लापरवाही के आरोप
सरकारी आदेश के बावजूद भुगतान में देरी
कई जिलों में लागू नहीं हुई नई व्यवस्था
कुष्टगी (कोप्पल). बिजली बिल वितरण और वसूली का कार्य करने वाले ग्राम विद्युत प्रतिनिधियों (जीवीपी) को लेकर गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। जेस्कॉम पर आरोप है कि स्पष्ट सरकारी आदेश के बावजूद उन्हें न्यूनतम सुनिश्चित प्रोत्साहन राशि नहीं दी जा रही है।
आदेश के बावजूद अनिश्चितता
ऊर्जा विभाग के निर्देशों के अनुसार पहले 17,320 रुपए प्रोत्साहन राशि तय की गई थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 20,500 रुपए किया गया। साथ ही वार्षिक वर्दी भत्ता 3,000 रुपए देने का भी आदेश जारी हुआ था। यह आदेश विभाग के अधीन सचिव शांताराम द्वारा 17 फरवरी को जारी किया गया था।
भुगतान में देरी से परेशानी
आदेश जारी हुए दो महीने बीत जाने के बावजूद अधिकांश क्षेत्रों में संशोधित राशि का भुगतान नहीं किया गया है। इससे जीवीपी कर्मचारियों को आर्थिक संकट के बीच काम करना पड़ रहा है।
क्षेत्रीय असमानता के आरोप
जीवीपी प्रतिनिधियों का कहना है कि कलबुर्गी क्षेत्र में नई दरों के अनुसार भुगतान किया जा रहा है, जबकि बल्लारी क्षेत्र के जिलों में अभी तक इसे लागू नहीं किया गया है।
अधिकारियों के अलग-अलग बयान
गंगावती डिवीजन कार्यालय के लेखा विभाग के रफीक अहमद ने कहा कि बढ़ी हुई राशि 1 फरवरी से लागू मानी जाएगी और भुगतान की प्रक्रिया जारी है। हालांकि, वर्दी भत्ते के लिए जीएसटी बिल प्रस्तुत न होने को कारण बताया गया है।
वहीं अन्य अधिकारियों ने इस असमानता पर स्पष्ट जवाब नहीं दिया, जिससे स्थिति और अस्पष्ट हो गई है।
वर्दी भत्ते पर भी सवाल
जीवीपी प्रतिनिधियों का कहना है कि वर्दी भत्ता योजना लागू हुए तीन वर्ष हो चुके हैं, लेकिन अब तक केवल एक बार ही भुगतान किया गया है। इसके बाद इस विषय पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
अधिकारियों का आश्वासन
अधिकारियों का कहना है कि संशोधित प्रोत्साहन राशि 1 अप्रेल से लागू कर दी गई है और जल्द ही भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
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