भोजन और पानी की तलाश में सडक़ पार करते समय हादस
चेतावनी संकेत लगाने की मांग तेज
नरगुंद (गदग). हुब्बल्ली-विजयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-218 पर वन्यजीवों के सडक़ हादसों में मरने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। विशेष रूप से नरगुंद क्षेत्र में यह समस्या गंभीर होती जा रही है, जिससे पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ी है।
संवेदनशील इलाके बने हादसों के केंद्र
भैरनहट्टी के पास मलप्रभा नहर क्षेत्र, नरगुंद-रोण मार्ग और मदगुनकी के समीप वरती हल्ला नहर इलाके में गर्मियों के दौरान वन्यजीवों की आवाजाही बढ़ जाती है। पानी और भोजन की तलाश में ये जानवर सडक़ पार करते हैं और तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आ जाते हैं।
कई प्रजातियां हो रहीं शिकार
सडक़ किनारे मृत पाए जाने वाले जीवों में लोमड़ी, जंगली बिल्ली, सिवेट (पुनुगु बिल्ली), सांप और पक्षी शामिल हैं। यह स्थिति स्थानीय जैव विविधता के लिए खतरा बनती जा रही है।
गर्मी और ट्रैफिक बढ़ा रहे जोखिम
गर्मी के मौसम में पानी की कमी और पर्यटकों की बढ़ती संख्या के कारण वाहनों का दबाव भी बढ़ जाता है। तेज गति से चलने वाले भारी वाहन वन्यजीवों के लिए घातक साबित हो रहे हैं।
विशेषज्ञों की राय
जीवविविधता शोधकर्ता मंजुनाथ एस. नायक का कहना है कि जिन इलाकों में वन्यजीवों की आवाजाही अधिक है, वहां “वन्यजीव पार मार्ग” के संकेतक बोर्ड लगाने चाहिए, जिससे दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।
घटनाएं संज्ञान में आई हैं
इस तरह की घटनाएं संज्ञान में आई हैं और संवेदनशील क्षेत्रों में चेतावनी संकेत लगाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
–संतोषकुमार के., उप वन संरक्षण अधिकारी, गदग
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