विंडमिल परियोजनाओं पर किसानों ने उठाए सवालशिरहट्टी तालुक के एक खेत पर चल रहा विंडमिल परियोजना का कार्य।

उपजाऊ कृषि भूमि पर कब्जे के प्रयास का आरोप

नियमों के उल्लंघन की शिकायत, प्रशासन से कार्रवाई की मांग

शिरहट्टी (गदग). कप्पत्तगुड्डा की तलहटी में स्थित शिरहट्टी तालुक में निजी पवन ऊर्जा कंपनियों की गतिविधियों को लेकर किसानों और पर्यावरण प्रेमियों ने चिंता जताई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि तेज हवा वाले क्षेत्रों में सैकड़ों एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि पर पवन ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने के लिए किसानों को प्रलोभन दिया जा रहा है।

बिचौलियों के जरिए किसानों से संपर्क का आरोप

स्थानीय लोगों का कहना है कि वरवी और कडकोल मार्ग के आसपास कई पवन चक्कियां पहले ही स्थापित हो चुकी हैं। अब और अधिक विंड टर्बाइन लगाने के लिए कंपनियों के प्रतिनिधि स्थानीय लोगों को कमीशन के आधार पर बिचौलिया बनाकर किसानों से संपर्क कर रहे हैं। आरोप है कि किसानों को आर्थिक लाभ का लालच देकर अपनी कृषि भूमि परियोजनाओं के लिए उपलब्ध कराने का दबाव बनाया जा रहा है।

नियमों के उल्लंघन का दावा

पर्यावरण कार्यकर्ताओं का आरोप है कि कई स्थानों पर भूमि उपयोग परिवर्तन और आवश्यक विभागीय अनुमतियां प्राप्त किए बिना ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। उनका कहना है कि पवन ऊर्जा परियोजनाओं के लिए नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय तथा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की स्वीकृति सहित अन्य कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जाना आवश्यक है।

फसल और पशुधन पर असर की आशंका

किसानों का दावा है कि विशाल टर्बाइनों से उत्पन्न शोर, कंपन और घूमते ब्लेड की छाया का असर फसलों तथा पशुओं पर पड़ रहा है। किसान शिवानंद कुलगेरी ने कहा कि तेज आवाज के कारण बैल खेतों में काम करने से घबराते हैं, जिससे खेती प्रभावित हो रही है।

नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी

यदि बिना भूमि परिवर्तन और आवश्यक अनुमतियों के पवन ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए गए पाए गए तो संबंधित कंपनियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
के. राघवेंद्र राव, तहसीलदार

 

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By Bharat Ki Awaz

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