जंगली हाथियों के उत्पात से कॉफी बागान को भारी नुकसानजंगली हाथियों के उत्पात से क्षतिग्रस्त हुआ कॉफी बागान में रखा बैरल।

आलदूर क्षेत्र के कारेमने गांव में सिंचाई व्यवस्था तहस-नहस

किसानों ने वन विभाग से की स्थायी समाधान की मांग

मोटर, पाइपलाइन और कॉफी के पौधे क्षतिग्रस्त; एक लाख रुपए से अधिक का नुकसान

आलदूर (चिक्कमगलूरु). चिक्कमगलूरु जिले के आलदूर क्षेत्र स्थित सत्तिहल्ली ग्राम पंचायत के कारेमने गांव में जंगली हाथियों के लगातार उत्पात से कॉफी उत्पादक किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हाथियों ने एक कॉफी बागान में घुसकर सिंचाई व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने के साथ बड़ी संख्या में कॉफी के पौधों को भी नष्ट कर दिया।

कॉफी उत्पादक पुट्टेगौड़ा ने बताया कि बागान की सिंचाई के लिए 100 गुणा 100 फीट का जल संग्रहण तालाब बनाया गया था। दो जंगली हाथी तालाब में उतर गए और पानी खींचने वाली मोटर, बिजली के केबल, पाइपलाइन तथा बैरल को क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके अलावा कई कॉफी के पौधे भी तोड़ दिए गए।

लगातार हमलों से किसान परेशान

पुट्टेगौड़ा के अनुसार, इस घटना से एक लाख रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि आर्थिक क्षति से भी अधिक चिंता की बात यह है कि पिछले कई महीनों से जंगली हाथियों का लगातार आतंक बना हुआ है, जिससे किसानों में भय का माहौल है।

पुट्टेगौड़ा ने कहा कि वर्तमान में हाथियों का झुंड गुल्लनपेटे, कारेमने, हलसिगेकान और आसपास के कॉफी बागानों में लगातार घूम रहा है। किसानों ने वन विभाग से हाथियों को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर खदेडऩे तथा समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

विशेष अभियान चलाया जाएगा

इस संबंध में क्षेत्रीय वन अधिकारी हरीश के.आर. ने बताया कि जिन गांवों में हाथियों की मौजूदगी है, वहां उप क्षेत्रीय वन अधिकारी श्रीनिवास तथा हाथी कार्यबल के कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा। जंगली हाथियों को सुरक्षित रूप से जंगल की ओर लौटाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।

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By Bharat Ki Awaz

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