जंगली भैंसों के पुनर्वास की एसओपी अंतिम चरण मेंजंगली भैंसा।

वन विभाग ने तैयार किया मसौदा

सरकार को जल्द भेजा जाएगा प्रस्ताव

लगातार हो रहे हमलों के बीच बढ़ी उम्मीदें

प्रायोगिक अभियान और मध्य प्रदेश मॉडल के अध्ययन के आधार पर तैयार हो रही कार्ययोजना

चिक्कमगलूरु. मलेनाडु क्षेत्र में जंगली भैंसों के बढ़ते हमलों और जनहानि की घटनाओं के बीच वन विभाग ने उनके सुरक्षित पुनर्वास (स्थानांतरण) के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का मसौदा तैयार कर लिया है। आवश्यक संशोधनों के बाद इसे राज्य सरकार को अंतिम मंजूरी के लिए शीघ्र भेजा जाएगा।

वन विभाग ने मई में कोप्पा तालुक में प्रायोगिक अभियान के तहत एक जंगली भैंसे को पकडक़र शिवमोग्गा प्राणी उद्यान (चिडिय़ाघर) में रखा था। इस दौरान बेहोशी का इंजेक्शन देने की प्रक्रिया, दवा की मात्रा, पशु के व्यवहार, स्वास्थ्य पर उसके प्रभाव तथा शारीरिक परिवर्तनों का विशेषज्ञों की टीम ने विस्तृत अध्ययन किया। इंजेक्शन के बाद किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव पड़ा या नहीं, इसकी पुष्टि के लिए नमूने प्रयोगशाला भेजे गए थे। रिपोर्ट मिलने के बाद अध्ययन लगभग पूरा कर लिया गया है।

मध्य प्रदेश के मॉडल का भी किया अध्ययन

वन विभाग के अधिकारियों ने प्रायोगिक अभियान शुरू करने से पहले मध्य प्रदेश के कान्हा और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में जंगली भैंसों के स्थानांतरण की प्रक्रिया का भी अध्ययन किया। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि मध्य प्रदेश के जंगलों और पश्चिमी घाट के दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियां काफी अलग हैं। मलेनाडु में गहरी घाटियां और कठिन वन क्षेत्र होने के कारण यहां उसी मॉडल को सीधे लागू करना संभव नहीं है। इसलिए स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए एसओपी तैयार की जा रही है।

जनहानि के बीच शीघ्र कार्रवाई की मांग

मलेनाडु क्षेत्र में जंगली भैंसों के हमलों से लगातार जनहानि की घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों ने सरकार से एसओपी को शीघ्र अंतिम रूप देकर स्थानांतरण अभियान शुरू करने की मांग की है। उनका मानना है कि मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने के लिए फिलहाल यही सबसे प्रभावी उपाय है।

चिक्कमगलूरु वृत्त के मुख्य वन संरक्षण अधिकारीयशपाल क्षीरसागर ने बताया कि एसओपी का मसौदा तैयार हो चुका है। प्रायोगिक अभियान से प्राप्त निष्कर्षों के आधार पर इसमें कुछ आवश्यक संशोधन किए जा रहे हैं। संशोधित मसौदा जल्द ही राज्य सरकार को अंतिम स्वीकृति के लिए भेज दिया जाएगा।

 

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By Bharat Ki Awaz

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