महावीर कॉलोनी की धर्मसभा में समता, सकारात्मक चिंतन और सामायिक साधना का महत्व बताया
हुब्बल्ली. मुनि अनंत कुमार ने महावीर कॉलोनी स्थित कल्पवृक्ष बिल्डिंग में आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी साधक की साधना तभी सफल मानी जाती है, जब उसके जीवन में समता धर्म का अवतरण हो। राग और द्वेष से मुक्त मन ही मोक्ष की दिशा में अग्रसर होता है।
मुनि ने कहा कि देवलोक का सुख भी मोक्ष के आनंद की बराबरी नहीं कर सकता। मोक्ष वह अवस्था है, जहां जन्म, मृत्यु, रोग और शोक का अस्तित्व नहीं रहता। उन्होंने आचार्य महाश्रमण के वचन उद्धृत करते हुए कहा कि “क्लेशयुक्त मन ही संसार है और क्लेशरहित मन ही भवपार का मार्ग है।”
भगवान महावीर के जीवन प्रसंगों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि चंडकौशिक सर्प के दंश और इंद्र की स्तुति, दोनों परिस्थितियों में भगवान महावीर समभाव में स्थित रहे। यही समता का सर्वोच्च आदर्श है। हर परिस्थिति में सकारात्मक चिंतन और समभाव बनाए रखने से मानसिक शांति और आत्मिक उन्नति संभव होती है। समता भाव विकसित करने के लिए सामायिक साधना को सर्वोत्तम साधन बताया।
मुनि ने कहा कि रविवार को गदग स्थित तेरापंथ भवन में मुनि आलोक कुमार का चातुर्मास प्रवेश तथा नवनिर्मित तेरापंथ भवन का उद्घाटन होगा। इस अवसर पर मुनि अनंत कुमार एवं मुनि जैनम कुमार भी उपस्थित रहकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे।
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