उपेक्षा की मार झेल रहा फाल्गुनी झूला पुलउपेक्षा की मार झेल रहा फाल्गुनी झूला पुल

जंग लगने से लोगों में बढ़ी चिंता

10 वर्ष पहले बना था पुल, रखरखाव के अभाव में बदहाल

300 से अधिक परिवार और स्कूली बच्चे रोज करते हैं आवागमन

बंटवाल (दक्षिण कन्नड़)। बंटवाल और मेंगलूरु तालुक की सीमा पर स्थित बडगबेल्लूर का फाल्गुनी झूला पुल रखरखाव के अभाव में जर्जर होता जा रहा है। पुल के कई हिस्सों में जंग लगने लगी है, जबकि प्रवेश मार्ग झाडिय़ों से भर गया है। इससे स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

वर्ष 2016 में करावली विकास प्राधिकरण ने बडगबेल्लूर ग्राम पंचायत और मेंगलूरु तालुक की मुथूर ग्राम पंचायत के सहयोग से इस झूला पुल का निर्माण कराया था। दोनों गांवों को जोडऩे वाला यह पुल हजारों लोगों के लिए आवागमन का प्रमुख साधन बना, लेकिन निर्माण के बाद से इसका समुचित रखरखाव नहीं हो सका।

सुरक्षा पर उठ रहे सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल के प्रवेश द्वार पर झाडिय़ां उग आने से बच्चों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। वहीं पुल के कई हिस्सों में जंग लगने से इसकी मजबूती पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दौरान जब फाल्गुनी नदी उफान पर होती है, तब पुल की मजबूती की तकनीकी जांच कराई जानी चाहिए।

300 से अधिक परिवारों की जीवनरेखा

वारट्टिल, कोलत्तमजल, पल्लिपाडि सहित कई क्षेत्रों के लोग इसी पुल पर निर्भर हैं। करीब 300 से अधिक परिवार प्रतिदिन इसका उपयोग करते हैं। मूलरपट्टण पुल क्षतिग्रस्त होने के दौरान यही झूला पुल लोगों के लिए एकमात्र सहारा बना था। नया पुल बनने के बाद भले इसका उपयोग कुछ कम हुआ हो, लेकिन आज भी स्कूली बच्चों, स्थानीय निवासियों और पर्यटकों के लिए यह महत्वपूर्ण मार्ग है।

रखरखाव की जिम्मेदारी पर असमंजस

बडगबेल्लूर ग्राम पंचायत ने पुल के रखरखाव के लिए करावली विकास प्राधिकरण को पत्र लिखा था, लेकिन प्राधिकरण ने बजट का प्रावधान न होने की बात कहकर हाथ खड़े कर दिए। ऐसे में यदि भविष्य में कोई दुर्घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी, यह बड़ा सवाल बना हुआ है।

स्थानीय निवासी अश्रफ का कहना है कि पुल आज भी लोगों के लिए बेहद उपयोगी है, इसलिए इसका तत्काल रखरखाव कराया जाना चाहिए।

तत्काल इसकी मरम्मत करानी चाहिए

झूला पुल बने 10 वर्ष हो चुके हैं। स्कूली बच्चे और ग्रामीण आज भी इसी पुल से आवाजाही करते हैं, लेकिन इसके रखरखाव पर किसी का ध्यान नहीं है। यदि कोई हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन होगा? संबंधित विभाग को तत्काल इसकी मरम्मत करानी चाहिए।
दीपेश, स्थानीय निवासी

 

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By Bharat Ki Awaz

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