विपक्ष का सदन में प्रदर्शन, मराठी पार्षदों की आपत्ति
सरकार की राय के इंतजार में प्रस्ताव अटका, बाहर कन्नड़ संगठनों का प्रदर्शन
बेलगावी। ‘बेलगावी कर्नाटक का अभिन्न अंग है’ संबंधी प्रस्ताव को लेकर मंगलवार को बेलगावी महानगर निगम की परिषद बैठक में जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस नेतृत्व वाले विपक्षी पार्षद प्रस्ताव तत्काल पारित करने की मांग पर अड़ गए और सदन के बीचोंबीच पहुंचकर प्रदर्शन किया। वहीं, मराठी समर्थक पार्षदों ने सीमा विवाद का मामला उच्चतम न्यायालय में लंबित होने का हवाला देते हुए प्रस्ताव पर आपत्ति जताई। सत्तापक्ष ने सरकार के दिशानिर्देश मिलने के बाद निर्णय लेने की बात कही।
‘सरकारी राय के लिए इंतजार क्यों?’
सरकार के नामित पार्षद रमेश सोंटक्की ने कहा कि महाजन आयोग की सिफारिशें अंतिम हैं। हम उच्चतम न्यायालय के फैसले के प्रति प्रतिबद्ध हैं। इसलिए सरकारी दिशानिर्देश का इंतजार किए बिना बेलगावी कर्नाटक का अभिन्न अंग है, यह प्रस्ताव पारित किया जाना चाहिए।
इस पर एमइएस समर्थित पार्षद रवि सालुंके ने आपत्ति जताते हुए कहा कि सीमा विवाद उच्चतम न्यायालय में लंबित है। महानगर निगम सदन उच्चतम न्यायालय से ऊपर नहीं है। इसलिए यह प्रस्ताव नहीं लाना चाहिए।
महापौर प्रीति कामकर ने कहा कि प्रस्ताव के संबंध में नगर विकास विभाग से राय मांगी गई है। सरकार का मार्गदर्शन मिलने के बाद ही आगे निर्णय लिया जाएगा। उपमहापौर हनुमंत कोंगाली ने भी इसी रुख का समर्थन किया।
महापौर के प्रस्ताव में ‘बेलगावी कर्नाटक का अभिन्न अंग है’ का स्पष्ट उल्लेख नहीं होने पर विपक्षी पार्षदों ने विरोध शुरू कर दिया। तीखी बहस, नारेबाजी और हंगामे के बीच बैठक को स्थगित करना पड़ा।
भाजपा पार्षदों का स्पष्ट रुख नहीं
विपक्षी पार्षद तत्काल प्रस्ताव पारित कराने पर अड़े रहे, लेकिन भाजपा पार्षदों ने इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख नहीं अपनाया। इससे परिषद में राजनीतिक असमंजस और तनाव बना रहा।
सत्तापक्ष के नेता संतोष पेडणेकर ने कहा कि हम किसी भाषा या समुदाय के विरोधी नहीं हैं। हम शहर के विकास के लिए चुने गए हैं। महानगर निगम में कन्नड़-मराठी भाषा का विवाद खड़ा करने की आवश्यकता नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली भाजपा सरकार शहर के विकास के लिए प्रतिवर्ष 100 करोड़ रुपए देती थी, जबकि वर्तमान कांग्रेस सरकार विकास कार्यों के लिए पर्याप्त धनराशि जारी नहीं कर रही है।
बाहर प्रदर्शन, कार्यकर्ता हिरासत में
उधर, कर्नाटक समर्थक प्रस्ताव पारित करने की मांग को लेकर कित्तूर कर्नाटक सेना और करुनाडु रक्षण वेदिके के कार्यकर्ताओं ने महानगर निगम के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने महापौर और उपमहापौर के खिलाफ नारेबाजी करते हुए महानगर निगम का घेराव करने का प्रयास किया। पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कहासुनी तथा धक्का-मुक्की भी हुई।
जिला कन्नड़ संगठनों की क्रिया समिति के अध्यक्ष अशोक चंदरगी ने चेतावनी दी कि जब तक महानगर निगम में कर्नाटक के पक्ष में प्रस्ताव पारित नहीं होता, तब तक कन्नड़ संगठनों का आंदोलन जारी रहेगा।
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