विशेषज्ञ रिपोर्ट में परियोजना को गैर-लाभकारी बताया गया
अब व्यावसायिक परिसर के एक हिस्से में समुद्री संग्रहालय बनाने की तैयारी
मेंगलूरु। कर्नाटक समुद्री बोर्ड ने सोमेश्वर में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय क्रूज एवं पर्यटन बंदरगाह परियोजना को रद्द कर दिया है। करीब 2,500 करोड़ रुपए की लागत से सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत प्रस्तावित इस परियोजना के लाभदायक होने की संभावना नहीं होने संबंधी विशेषज्ञ रिपोर्ट के आधार पर इसे बंद किया गया है।
पहले से मौजूद बंदरगाह बने मुख्य कारण
अंतरराष्ट्रीय क्रूज जहाजों को आकर्षित करने के उद्देश्य से करीब दो वर्ष पहले सोमेश्वर में परियोजना की घोषणा की गई थी। उस समय से ही स्थानीय लोगों ने इसकी व्यवहार्यता को लेकर सवाल उठाए थे।
तकनीकी मूल्यांकन में सामने आया कि मेंगलूरु में पहले से ही दो प्रमुख बंदरगाह मौजूद हैं। पुराने मेंगलूरु बंदरगाह में मुख्य रूप से छोटे स्तर पर माल ढुलाई और मत्स्य गतिविधियां होती हैं। वहीं नव मेंगलूरु बंदरगाह में पहले से क्रूज जहाजों का संचालन हो रहा है। माल ढुलाई के लिए प्रमुख बंदरगाह होने के बावजूद यहां औसतन 10-12 करूज जहाज पहुंचते हैं।
क्रूज जहाजों के लिए आवश्यक लाउंज, कैफे, स्वागत टावर और अन्य सुविधाएं भी नव मेंगलूरु बंदरगाह में उपलब्ध हैं। हाल ही में अलग क्रूज गेट भी बनाया गया है। इसके अलावा उत्तर दिशा में करीब सात किलोमीटर दूर एक नया मछली पकडऩे का जेट्टी निर्माणाधीन है।
ऐसे में दक्षिण दिशा में केवल 10 किलोमीटर की दूरी पर एक और बंदरगाह बनाना तकनीकी और आर्थिक दृष्टि से व्यवहार्य नहीं माना गया।
संग्रहालय की योजना भी बदली
कर्नाटक समुद्री बोर्ड की ओर से प्रस्तावित हेरिटेज मरीन संग्रहालय की योजना में भी बदलाव किया गया है। पहले मेंगलूरु के होयगेबाजार में स्वतंत्र समुद्री संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव था। प्रारंभिक अध्ययन के बाद विशेषज्ञों ने इसे आर्थिक रूप से व्यवहार्य नहीं माना।
इसके स्थान पर लाइटहाउस पर्यटन और आतिथ्य परियोजना को पीपीपी आधार पर विकसित करने का सुझाव दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, अब एक व्यावसायिक परिसर बनाकर उसे किराये पर देने तथा उसके एक हिस्से में समुद्री संग्रहालय विकसित करने की योजना है।
वित्त विभाग और मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद निविदा
कर्नाटक समुद्री बोर्ड के सीइओ बालचंद्र ने बताया कि सोमेश्वर क्रूज बंदरगाह को गैर-लाभकारी होने के कारण रद्द किया गया है। समुद्री संग्रहालय को व्यावसायिक परिसर के हिस्से के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए वित्त विभाग और मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद निविदा प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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