हंपी के जंगल में 50 साल बाद दिखा बाघकैमरे में कैद हुई बाघ तस्वीर।

कैमरे में कैद हुई तस्वीर, किष्किंधा पहाडिय़ों में वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी

होसपेट (विजयनगर)। कर्नाटक के ऐतिहासिक पर्यटन स्थल हंपी के निकट किष्किंधा पहाडिय़ों के जंगल में करीब पांच दशक बाद बाघ की मौजूदगी की पुष्टि हुई है। वन विभाग के कैमरा ट्रैप में बाघ की तस्वीर कैद होने के बाद क्षेत्र में उत्सुकता के साथ ग्रामीणों में चिंता भी बढ़ गई है।

तीन महीने से मिल रही थी बाघ की सूचना

वन विभाग को पिछले तीन महीनों से यलगुड़ क्षेत्र में बाघ दिखाई देने की सूचनाएं मिल रही थीं। इसके बाद पहाड़ी क्षेत्र में कैमरे लगाकर निगरानी शुरू की गई। रविवार को तेंबा क्षेत्र में लगाए गए कैमरे में बाघ की तस्वीर कैद हुई, जिससे उसकी मौजूदगी की पुष्टि हुई।

किष्किंधा पहाडिय़ों के जंगल में बाघ की आखिरी दर्ज मौजूदगी 1970 के दशक में बताई जाती है। ऐसे में करीब 50 वर्ष बाद इसी क्षेत्र में बाघ का दिखाई देना वन्यजीवों की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

श्रीशैलम से आने की आशंका

वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार बाघ पिछले कुछ महीनों से इसी क्षेत्र में रह रहा हो सकता है। आशंका है कि वह आंध्र प्रदेश के श्रीशैलम वन्यजीव गलियारे के रास्ते किष्किंधा क्षेत्र में पहुंचा होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि किष्किंधा क्षेत्र कभी बाघों का प्राकृतिक आवास रहा है, इसलिए दूसरे वन क्षेत्र से बाघ के यहां आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

हंपी समेत कई गांवों में सतर्कता

बाघ की पुष्टि के बाद वन विभाग ने हंपी और आसपास के क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है। कोप्पल वन विभाग ने साणापुर, बसापुर, जब्बलगुड्डा, बेणकल, अगोली, वेंकटगी, हनुमनहल्ली और जंगलीरंगापुर सहित कई इलाकों में सायरन के माध्यम से लोगों को सावधान किया है।

ग्रामीणों, चरवाहों और पशुपालकों से रात में घर के बाहर सोने से बचने तथा बाघ दिखाई देने या उसकी गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल वन विभाग को सूचित करने की अपील की गई है।

अतिरिक्त कर्मचारी तैनात, कैमरों की संख्या बढ़ी

बाघ की गतिविधि वाले क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से अतिरिक्त वनकर्मियों को तैनात किया गया है। बाघ किस क्षेत्र से आया और उसकी आवाजाही किस दिशा में है, इसका पता लगाने के लिए अतिरिक्त कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं। वन विभाग ने लोगों से पहाड़ी और सुनसान इलाकों में अकेले नहीं जाने की अपील की है।

 

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By Bharat Ki Awaz

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