राज्य के 46,112 सरकारी स्कूलों में करीब आधे भवन बदहाल
बुनियादी सुविधाओं की कमी से अभिभावक निजी स्कूलों की ओर
हुब्बल्ली। राज्य में गरीब और ग्रामीण परिवारों के बच्चे आज भी शिक्षा के लिए मुख्य रूप से सरकारी स्कूलों पर निर्भर हैं। इसके बावजूद विद्यार्थियों की संख्या घटने का हवाला देकर सरकार धीरे-धीरे सरकारी स्कूलों को बंद कर रही है। सवाल यह है कि आखिर बच्चे और अभिभावक सरकारी स्कूलों से दूर क्यों हो रहे हैं?
46,112 में 22,078 स्कूलों के भवन जर्जर
राज्य में कुल 46,112 सरकारी प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय हैं। इनमें से 22,078 विद्यालयों के भवन जर्जर अवस्था में बताए गए हैं। इन भवनों में आज भी कक्षाएं संचालित हो रही हैं और लाखों बच्चे पढ़ रहे हैं। जर्जर भवनों के अलावा अनेक स्कूल शौचालय, पेयजल, खेल मैदान तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की कमी से भी जूझ रहे हैं।
हर शैक्षणिक वर्ष की शुरुआत से पहले स्कूल भवनों का सर्वेक्षण कर मरम्मत योग्य भवनों की मरम्मत अथवा विद्यार्थियों को अस्थायी रूप से अन्य भवनों में स्थानांतरित करने की व्यवस्था की जाती है। इसके बावजूद इतनी बड़ी संख्या में जर्जर भवनों में बच्चों की पढ़ाई जारी रहना उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा करता है।
मूल समस्याओं पर ध्यान जरूरी
शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या और शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाएं लागू करने का दावा करता रहा है। लेकिन विद्यालयों की जर्जर इमारतें, शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की कमी तथा बुनियादी सुविधाओं का अभाव दूर किए बिना सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों से प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना मुश्किल है।
विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर अनुदान?
जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत अथवा नए भवन निर्माण के लिए विद्यार्थियों की संख्या और उपस्थिति को आधार बनाकर अनुदान देने की बात भी कही गई है। इससे कम विद्यार्थी संख्या वाले स्कूलों के भविष्य पर सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि यही स्थिति जारी रही तो अनेक सरकारी स्कूल बंद होने और गरीब बच्चों के शिक्षा के अधिकार पर प्रतिकूल असर पडऩे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
सरकार की प्राथमिकता केवल परीक्षा परिणाम बढ़ाना नहीं, बल्कि बच्चों को सुरक्षित और सुविधायुक्त शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना भी होना चाहिए। सरकारी स्कूल बचाने हैं तो पहले उनकी बुनियादी समस्याओं का समाधान करना जरूरी है।
Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?
अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें
हर खबर सबसे पहले
Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z

