मंगसूली में भवन तैयार, महीनों बाद भी शुरू नहीं हुआ अग्निशमन केंद्र
स्टाफ और वाहन के अभाव में 40 किमी दूर से पहुंचती हैं दमकल गाडिय़ां
बेलगावी। कागवाड़ तालुक के मंगसूली गांव में करीब 3 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित अग्निशमन केंद्र की इमारत महीनों से उद्घाटन और संचालन की प्रतीक्षा कर रही है। भवन तैयार होने के बावजूद यहां न तो कर्मचारियों की नियुक्ति हुई है और न ही नया अग्निशमन वाहन उपलब्ध कराया गया है। ऐसे में करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी यह केंद्र लोगों के लिए उपयोगी नहीं बन सका है।
कागवाड़ तालुक में अग्निशमन केंद्र स्थापित करने की लंबे समय से मांग थी। इस पर तत्कालीन भाजपा सरकार ने वर्ष 2022-23 में मंगसूली में केंद्र के भवन निर्माण के लिए 3 करोड़ रुपए मंजूर किए थे। निर्माण पूरा होने के बाद पिछले वर्ष भवन अग्निशमन विभाग को सौंप दिया गया, लेकिन अब तक संचालन शुरू नहीं हुआ।
40 किमी दूर से आती हैं दमकल गाडिय़ां
तालुक के किसी गांव में आग लगने की घटना होने पर अथणी या रायबाग से अग्निशमन वाहन भेजना पड़ता है। दोनों केंद्र करीब 40 किलोमीटर दूर होने के कारण दमकल पहुंचने में देरी होती है। इससे आग पर समय रहते काबू पाना मुश्किल हो जाता है और संपत्ति का भारी नुकसान होता है।
गन्ना किसानों की बढ़ी चिंता
कागवाड़ क्षेत्र में तीन चीनी मिलें हैं और बड़ी संख्या में किसान गन्ने की खेती करते हैं। शॉर्ट सर्किट सहित अन्य कारणों से गन्ने के खेतों में आग लगने की घटनाएं होती रहती हैं। हाल ही में जुगूल गांव के बाजार क्षेत्र की कई दुकानें आग में जल गई थीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय पर दमकल वाहन पहुंचता तो नुकसान कम किया जा सकता था।
विधायक राजू कागे ने कहा कि मंगसूली अग्निशमन केंद्र में कर्मचारियों की नियुक्ति का मुद्दा विधानसभा में उठाया गया है। गृह मंत्री ने जल्द कर्मचारी नियुक्त करने का आश्वासन दिया है और केंद्र को शीघ्र शुरू करने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
सामाजिक कार्यकर्ताओं और किसानों ने सरकार से केंद्र में तत्काल कर्मचारी, अग्निशमन वाहन और आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराकर संचालन शुरू करने की मांग की है।
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