दक्षिण कन्नड़ समेत तटीय व मलनाड क्षेत्रों में समेकित रोग प्रबंधन
सात क्लस्टरों में खेत स्तर पर प्रयोग
मेंगलूरु। दक्षिण कन्नड़ समेत कर्नाटक के तटीय और मलनाड क्षेत्रों में सुपारी की फसल को प्रभावित करने वाली पत्ती धब्बा सहित विभिन्न बीमारियों के नियंत्रण के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान, क्षेत्र सर्वेक्षण और समेकित रोग प्रबंधन उपाय किए जा रहे हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा में सांसद कैप्टन बृजेश चौटा के सवाल के जवाब में यह जानकारी दी।
सात क्लस्टरों में प्रायोगिक प्रदर्शन
मंत्री ने बताया कि बेल्तंगडी, सुलिया, सिरसी और सिद्धापुर समेत सात क्लस्टरों में अनुशंसित समेकित रोग प्रबंधन पद्धतियों का खेत स्तर पर प्रदर्शन किया गया है। इन उपायों को अपनाने के बाद रोग प्रभावित सुपारी बागानों में बीमारी की तीव्रता में कमी दर्ज की गई है।
उपज में भी सुधार
फल सडऩ रोग के नियंत्रण के लिए अनुशंसित कवकनाशकों का उचित समय पर उपयोग करने की सावधानीपूर्ण पद्धति विकसित की गई है। क्षेत्रीय अध्ययनों में पाया गया है कि इस पद्धति को अपनाने से रोग का प्रकोप कम होने के साथ सुपारी की उपज में भी सुधार हुआ है।
पीला पत्ती रोग पर भी शोध
सरकार पीला पत्ती रोग के नियंत्रण, बेहतर पौधरोपण व्यवस्था और अन्य पहलुओं पर भी अनुसंधान कर रही है। कम रोग प्रकोप वाले क्षेत्रों में किसानों के बागानों में समेकित प्रबंधन पद्धतियों का प्रदर्शन किया जा रहा है।
मंत्री के अनुसार, अनुसंधान संस्थानों द्वारा अनुशंसित उपायों को समेकित बागवानी विकास मिशन के तहत रोग प्रभावित क्षेत्रों में प्रदर्शन के माध्यम से लागू किया जा रहा है, ताकि सुपारी उत्पादकों को वैज्ञानिक रोग नियंत्रण तकनीकों का प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।
Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?
अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें
हर खबर सबसे पहले
Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z

