रायचूर से बल्लारी तक 190-200 किमी पदयात्रा
जेडीएस भी देगा भाजपा के आंदोलन को समर्थन
बेंगलूरु। वाल्मीकि निगम के बहुकरोड़ रुपए के घोटाले को लेकर मंत्री बी. नागेंद्र के इस्तीफे की मांग कर रही भाजपा ने अब अपना आंदोलन और तेज करने का फैसला किया है। भाजपा 1 से 10 सितंबर तक रायचूर से बल्लारी तक ‘बल्लारी चलो’ पदयात्रा निकालेगी। पार्टी ने बताया कि जेडीएस भी इस आंदोलन को समर्थन देगा।
राज्य भाजपा अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने बेंगलूरु स्थित भाजपा कार्यालय में हुई बैठक के बाद पत्रकारों को पदयात्रा की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि करीब 190 से 200 किलोमीटर लंबी पदयात्रा 1 सितंबर को रायचूर जिले के गुरुगुंटा से शुरू होगी। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी पदयात्रा को रवाना करेंगे, जबकि 10 सितंबर को बल्लारी में होने वाले समापन कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी शामिल होंगे।
गुरुगुंटा से शुरू होने वाली पदयात्रा लिंगसुगूर, मस्की, सिंधनूर, सिरुगुप्पा, तेक्कलकोटे और सिंदगेरी होते हुए बल्लारी पहुंचेगी। यह यात्रा करीब 8 से 9 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी, जिनमें चार अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित क्षेत्र भी शामिल हैं।
नागेंद्र के इस्तीफे समेत कई मुद्दे
विजयेंद्र ने कहा कि मंत्री बी. नागेंद्र का इस्तीफा भाजपा की प्रमुख मांग है। इसके अलावा आरक्षण, उत्तर कर्नाटक की सिंचाई परियोजनाओं को प्राथमिकता, सूखे की स्थिति और राज्य में रिक्त पदों को भरने जैसे मुद्दों को लेकर भी भाजपा जनता के बीच जाएगी।
वाल्मीकि निगम घोटाले को लेकर भाजपा पहले ही विधानमंडल के दोनों सदनों में विरोध प्रदर्शन कर चुकी है। अब पदयात्रा के जरिए सरकार के खिलाफ अपना अभियान जनता के बीच ले जाने की तैयारी है।
भाजपा नेताओं की बैठक
‘बल्लारी चलो’ की तैयारियों को लेकर बेंगलूरु स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में वरिष्ठ नेताओं और विधायकों की महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक, विधान परिषद में विपक्ष के नेता छलवादी नारायणस्वामी, बी.वाई. विजयेंद्र, सांसद गोविंद कारजोल, विधायक डॉ. सी.एन. अश्वथनारायण, जनार्दन रेड्डी, डॉ. शैलेंद्र बेल्दाले, मानप्पा वज्जल, शिवराज पाटील, विधानसभा में विपक्ष के मुख्य सचेतक दोड्डनगौड़ा पाटील, विधान परिषद सदस्य सी.टी. रवि तथा पूर्व मंत्री बी. श्रीरामुलु और राजुगौड़ा समेत कई नेता मौजूद थे।
जेडीएस के समर्थन से बढ़ा राजनीतिक महत्व
भाजपा की पदयात्रा को जेडीएस का समर्थन मिलने से आंदोलन का राजनीतिक महत्व बढ़ गया है। बल्लारी में होने वाले समापन सम्मेलन को बड़े स्तर पर आयोजित करने की तैयारी की जा रही है।
भाजपा का लक्ष्य वाल्मीकि निगम घोटाले के साथ-साथ आरक्षण, उत्तर कर्नाटक की सिंचाई, सूखा और रिक्त सरकारी पदों जैसे मुद्दों को उठाकर राज्य सरकार के खिलाफ जनमत तैयार करना है। ‘बल्लारी चलो’ के जरिए भाजपा और जेडीएस राज्य की कांग्रेस सरकार के खिलाफ एक और राजनीतिक मोर्चा खोलने जा रहे हैं।
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