तैरते समय दिल का दौरा, युवा बैंककर्मी की मौतलितिन।

मित्रों के साथ विट्ला की ऐतिहासिक कोटिकेरे झील में तैर रहे थे लितिन

विट्ला (दक्षिण कन्नड़)। विट्ला की ऐतिहासिक कोटिकेरे झील में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। मित्रों के साथ झील में तैर रहे एक युवा बैंक कर्मचारी की अचानक दिल का दौरा पडऩे से मौत हो गई।

मृतक की पहचान विट्ला कसबा गांव के गालिहित्तिल निवासी तथा स्कूल रोड स्थित ‘अर्चना टेलर्स’ के मालिक वीरप्पा गौड़ा के पुत्र लितिन (30) के तौर पर की गई है। वह डीसीसी बैंक की कन्याना शाखा में कर्मचारी थे।

पुलिस के अनुसार, लितिन रोजाना की तरह मंगलवार सुबह अपने मित्रों के साथ कोटिकेरे में तैरने गए थे। कुछ देर तक वह अन्य लोगों के साथ हंसी-मजाक करते हुए तैर रहे थे। इसी दौरान अचानक वह पानी में दिखाई देना बंद हो गए। साथ मौजूद तैराकों ने तुरंत सतर्क होकर झील के निचले हिस्से में उनकी तलाश शुरू की और उन्हें बाहर निकाला।

लितिन को तत्काल प्राथमिक उपचार देने का प्रयास किया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। साथ मौजूद लोगों ने आशंका जताई कि तैरते समय उन्हें अचानक तेज दिल का दौरा पड़ा, जिसके कारण यह हादसा हुआ। शव को फिलहाल विट्ला सरकारी अस्पताल के शवगृह में रखा गया है।

झील के जीर्णोद्धार के बाद पहली बड़ी त्रासदी

कुछ समय पहले ही स्थानीय लोगों के सहयोग से ऐतिहासिक कोटिकेरे झील का जीर्णोद्धार और मरम्मत कराई गई थी। झील के नए स्वरूप को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल था, लेकिन इसी झील में एक होनहार युवा की मौत से पूरे विट्ला क्षेत्र में शोक की लहर है।

लितिन की पत्नी हर्षिता विट्ला के जेसी इंग्लिश मीडियम स्कूल में शिक्षिका हैं। लितिन अपने पीछे माता-पिता, पत्नी, एलकेजी में पढऩे वाली छोटी बेटी और बहन को छोड़ गए हैं। उनके असामयिक निधन से परिवार और क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है।

 

Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?

अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें

हर खबर सबसे पहले

Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z

 

 

Spread the love

By Bharat Ki Awaz

मैं भारत की आवाज़ हिंदी न्यूज़ पोर्टल से जुड़ा हुआ हूँ, जहाँ मेरा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और ताज़ा ख़बरें पहुँचाना है। राजनीति, समाज, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों पर गहरी रुचि रखते हुए मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि समाचार केवल सूचना न हों, बल्कि पाठकों को सोचने और समझने का अवसर भी दें। मेरी लेखनी का मक़सद है—जनता की आवाज़ को मंच देना और देश-समाज से जुड़े हर पहलू को ईमानदारी से प्रस्तुत करना। भारत की आवाज़ के माध्यम से मैं चाहता हूँ कि पाठक न केवल ख़बरें पढ़ें, बल्कि उनसे जुड़ाव महसूस करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *