महिलाओं पर बढ़ रहे अत्याचार, साढ़े चार साल में 53 हजार से अधिक मामले दर्जवर्षवार मामलों का विवरण।

दहेज उत्पीडऩ से 617 महिलाओं की मौत

2,572 दुष्कर्म के मामले आए सामने

हुब्बल्ली। महिलाओं की सुरक्षा के लिए कई कानून होने के बावजूद उनके खिलाफ होने वाले अत्याचार के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। राज्य महिला आयोग के पास हर दिन बड़ी संख्या में शिकायतें पहुंच रही हैं। वर्ष 2022 से 30 जून 2026 तक घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीडऩ, दहेज मृत्यु, दुष्कर्म और यौन उत्पीडऩ सहित 53 हजार से अधिक मामले आयोग में दर्ज हुए हैं।

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. नागलक्ष्मी चौधरी ने बताया कि यौन उत्पीडऩ, घरेलू हिंसा अथवा पति द्वारा प्रताडऩा से संबंधित मामलों में सुरक्षा की मांग को लेकर 40,729 शिकायतें दर्ज हुई हैं। इसके अलावा 2,572 दुष्कर्म और 9,751 दहेज उत्पीडऩ के मामले सामने आए हैं।

उन्होंने बताया कि कार्यस्थलों पर होने वाले यौन उत्पीडऩ को रोकने के लिए आइटी-बीटी कंपनियों तथा संगठित क्षेत्र के संगठनों और संस्थानों में 81 हजार से अधिक आंतरिक शिकायत समितियां गठित की गई हैं।

डॉ. चौधरी के अनुसार, राज्य में साढ़े चार वर्षों के दौरान दहेज उत्पीडऩ के कारण 617 महिलाओं की मौत हुई। इनमें से केवल 70 मामलों का निपटारा हुआ है, जबकि 547 मामले अभी लंबित हैं।

महिलाओं पर बढ़ रहे अत्याचार, साढ़े चार साल में 53 हजार से अधिक मामले दर्ज
डॉ. नागलक्ष्मी चौधरी।

181 हेल्पलाइन से सहायता

डॉ. नागलक्ष्मी चौधरी ने बताया कि 181 महिला हेल्पलाइन के माध्यम से महिलाओं को नि:शुल्क कानूनी, चिकित्सकीय और पुलिस सहायता उपलब्ध कराई जाती है। जरूरत पडऩे पर पीडि़त महिलाओं को आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया जाता है।

 

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By Bharat Ki Awaz

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