खानापुर में 30 हजार हेक्टेयर में धान की खेतीधान का खेत।

देर से आया मानसून, अब अनुकूल मौसम से किसानों को अच्छी उपज की उम्मीद

बेलगावी। जिले के खानापुर तालुक में इस बार मानसून के दौरान करीब 44 हजार हेक्टेयर में विभिन्न फसलों की बुआई पूरी हो चुकी है। इनमें लगभग 30 हजार हेक्टेयर में धान की खेती की गई है। मानसून देर से शुरू होने के बावजूद जुलाई में हुई अच्छी बारिश से धान उत्पादकों में बेहतर उपज की उम्मीद जगी है।

जून में सामान्य बारिश नहीं होने से किसान चिंतित थे। कुछ क्षेत्रों में धान के बीज अंकुरित नहीं हुए थे। लेकिन जुलाई के पहले सप्ताह में लगातार चार-पांच दिन हुई बारिश से खेतों में पर्याप्त पानी जमा हो गया और धान की रोपाई तेज हो गई।

बारिश ने बदली तस्वीर

जुलाई के अंतिम सप्ताह से भी अच्छी बारिश होने के कारण फिलहाल धान के खेतों में फसल लहलहा रही है। किसानों ने अंकुरण नहीं होने वाले खेतों में नई पौध तैयार कर रोपाई की। इसके साथ ही मूंगफली, रागी, आलू और शकरकंद जैसी फसलों की बुआई भी पूरी कर ली गई है।

सहायक कृषि निदेशक दामोदर चव्हाण ने बताया कि देर से शुरू हुए मानसून के बाद मौसम किसानों के अनुकूल रहा। पारिशवाड़, इटगी, गंदिगवाड़, गुंडेनट्टी, मंगेनकोप्पा, जांबोटी, गुंजी और नागरगाली क्षेत्रों में धान की फसल अच्छी स्थिति में है।

कटाई तक बारिश न हो तो बेहतर उपज

किसान राजकुमार कंची ने कहा कि बुआई के समय थोड़ी क्षति हुई थी, लेकिन रोपाई के दौरान इसकी भरपाई हो गई। यदि फसल पकने और कटाई के समय बारिश नहीं हुई तो इस बार अच्छी उपज मिलने की उम्मीद है।

 

Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?

अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें

हर खबर सबसे पहले

Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z

 

 

Spread the love

By Bharat Ki Awaz

मैं भारत की आवाज़ हिंदी न्यूज़ पोर्टल से जुड़ा हुआ हूँ, जहाँ मेरा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और ताज़ा ख़बरें पहुँचाना है। राजनीति, समाज, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों पर गहरी रुचि रखते हुए मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि समाचार केवल सूचना न हों, बल्कि पाठकों को सोचने और समझने का अवसर भी दें। मेरी लेखनी का मक़सद है—जनता की आवाज़ को मंच देना और देश-समाज से जुड़े हर पहलू को ईमानदारी से प्रस्तुत करना। भारत की आवाज़ के माध्यम से मैं चाहता हूँ कि पाठक न केवल ख़बरें पढ़ें, बल्कि उनसे जुड़ाव महसूस करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *