प्लेसेंटा पेक्रेटा से जटिल था मामला, चार घंटे चली चुनौतीपूर्ण सर्जरी में बचाई मां की जान
मेंगलूरु। बेल्तंगडी तालुक के ग्रामीण क्षेत्र की 28 सप्ताह की गर्भवती महिला को अत्यंत गंभीर अवस्था में मेंगलूरु के सरकारी लेडीगोशन अस्पताल में भर्ती कराया गया। महिला के पेट में भारी रक्तस्राव हो रहा था और हीमोग्लोबिन का स्तर मात्र 6 ग्राम था। पुराने सिजेरियन के निशान वाली जगह गर्भाशय फटने का खतरा था। जांच में प्लेसेंटा पेक्रेटा की भी पुष्टि हुई, जिसमें प्लेसेंटा गर्भाशय की दीवार को पार कर आसपास के अंगों तक पहुंच सकता है।
कई विभागों की विशेषज्ञ टीम ने संभाला मोर्चा
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रसूति, सामान्य शल्य चिकित्सा, मूत्ररोग, एनेस्थीसिया तथा प्रशिक्षित नर्सिंग टीम ने मिलकर उपचार की योजना बनाई। संभावित भारी रक्तस्राव को देखते हुए करीब 3.5 लीटर रक्त के बराबर विभिन्न रक्त घटक पहले से तैयार रखे गए।
सुबह 5 से 9 बजे तक चली करीब चार घंटे की सर्जरी में रक्तस्राव को नियंत्रित करने के साथ प्लेसेंटा का प्रबंधन, मूत्राशय की सुरक्षा और मां की लगातार निगरानी की गई। अंतत: चिकित्सकों ने सफलतापूर्वक महिला की जान बचा ली।
विशेषज्ञों की संयुक्त मेहनत
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दुर्गाप्रसाद एम.आर. के मार्गदर्शन में डॉ. जगदीश, डॉ. दयानंद, केएमसी की डॉ. भारती व डॉ. विनिता शेट्टी सहित मूत्ररोग विशेषज्ञ डॉ. सदानंद पूजारी, डॉ. प्रमोद, जनरल सर्जन डॉ. अक्षिता तथा एनेस्थीसिया विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
डॉ. दुर्गाप्रसाद ने बताया कि पिछले एक वर्ष में इस तरह के आठ जटिल मामले अस्पताल में आए और सभी में सफलता मिली। समय पर निर्णय और विभिन्न विभागों की समन्वित चिकित्सा से गंभीर परिस्थितियों में भी जीवन बचाया जा सकता है।
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