विनय कुलकर्णी बोले—70 प्रतिशत से कम उपज पर घोषित हो सूखा
नवलगुंद के लिए विनोद असूटी ने सौंपा ज्ञापन
हुब्बल्ली। धारवाड़ जिले को सूखाग्रस्त सूची से बाहर रखे जाने के बाद किसानों की स्थिति को लेकर मांग तेज हो गई है। धारवाड़ ग्रामीण के विधायक विनय कुलकर्णी ने जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की है। वहीं कांग्रेस नेता विनोद असूटी ने नवलगुंद तालुक को सूखाग्रस्त घोषित करने के लिए जिलाधिकारी स्नेहल आर. को ज्ञापन सौंपा।
‘फसल दिख रही, दाना नहीं’
विनय कुलकर्णी ने कहा कि क्षेत्र में फसल खेतों में अच्छी ऊंचाई तक दिखाई दे रही है, लेकिन बालियों में दाना नहीं है। अपेक्षित बारिश नहीं हुई और केवल रुक-रुककर हल्की बारिश हुई है। उन्होंने स्वयं खेतों का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया है। जिलाधिकारी और कृषि विभाग के अधिकारियों से भी इस संबंध में चर्चा की गई है।
उन्होंने कहा कि यदि उपज 70 प्रतिशत से कम रहती है तो क्षेत्र को सूखाग्रस्त घोषित करना चाहिए। डीजल, मजदूरी और अन्य कृषि लागत बढऩे से किसान पहले ही गंभीर संकट में हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं के समाधान की मांग करने की बात कही।

नवलगुंद के लिए वैज्ञानिक सर्वेक्षण की मांग
विनोद असूटी ने कहा कि नवलगुंद मुख्यत: वर्षा आधारित कृषि क्षेत्र है और बारिश की अनिश्चितता से बुवाई, फसल विकास तथा किसानों की आय प्रभावित हुई है। उन्होंने बारिश, फसल नुकसान, बुवाई क्षेत्र, तालाबों एवं कुओं के जलस्तर तथा पेयजल स्थिति का संयुक्त वैज्ञानिक सर्वेक्षण कराने की मांग की।
ज्ञापन में बताया गया कि 2025 में प्राकृतिक आपदा से हुए फसल नुकसान के लिए नवलगुंद में 18,433 किसान लाभार्थियों की पहचान कर करीब 18.74 करोड़ रुपए मुआवजा वितरण की प्रक्रिया की गई थी। वर्ष 2023 में भी 28,725 हेक्टेयर क्षेत्र में 50 प्रतिशत से अधिक फसल नुकसान दर्ज होने का उल्लेख किया गया है।
असूटी ने सर्वेक्षण के आधार पर नवलगुंद को तत्काल सूखाग्रस्त घोषित करने, एसडीआरएफ-एनडीआरएफ के तहत मुआवजा, कृषि ऋण पुनर्गठन, चारा बैंक व गोशाला तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की।
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