पूर्व मंत्री का विधायक पर हमला; पुलिस, अस्पताल और राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
शिवमोग्गा। जिले के सागर तालुक में कानून-व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ गई है और अधिकारियों की कमी के कारण प्रशासनिक व्यवस्था निष्क्रिय हो गई है। केडीपी बैठक में तहसीलदार को कथित रूप से फटकार लगाने वाले विधायक के खिलाफ पूर्व मंत्री हरतालु हालप्पा ने तीखा हमला बोला है।
सागर स्थित कर्नाटक कार्यरत पत्रकार संघ के प्रेस भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में हालप्पा ने कहा कि तालुक में कई महत्वपूर्ण पद लंबे समय से खाली पड़े हैं, लेकिन विधायक वास्तविक स्थिति सामने रखने के बजाय जनता को गुमराह कर रहे हैं।
12 में से 8 पुलिस उपनिरीक्षक पद खाली
हालप्पा ने कहा कि सागर तालुक में पुलिस उपनिरीक्षक के कुल 12 पद स्वीकृत हैं, लेकिन इनमें से 8 पद खाली हैं। कार्यरत अधिकारियों में से भी एक अधिकारी प्रतिनियुक्ति पर काम कर रहा है। नगर परिषद आयुक्त, तालुक पंचायत ईओ और केएसआरटीसी प्रबंधक जैसे महत्वपूर्ण पद भी रिक्त हैं।
उन्होंने कहा कि विधायक लोगों से पुलिस थाने में बेझिझक आने की अपील करते हैं, लेकिन यह नहीं बताते कि कई जगह शिकायत लेने और कार्रवाई करने के लिए पर्याप्त अधिकारी ही उपलब्ध नहीं हैं।
सरकारी अस्पताल की स्थिति खराब
पूर्व मंत्री ने सरकारी अस्पताल की स्थिति को लेकर भी विधायक पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक सागर सरकारी अस्पताल के लिए 70 करोड़ रुपए का अनुदान लाने का प्रचार कर रहे हैं, जबकि अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टर और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ तक उपलब्ध नहीं हैं। इससे मरीजों के उपचार और ऑपरेशन प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि साढ़े तीन साल से सत्ता में रहने के बावजूद विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति नहीं हो पाई है।
बारिश खत्म होने के समय वर्षामापी केंद्रों की सुध
हालप्पा ने केडीपी बैठक में फसल बीमा को लेकर किसानों के साथ कथित तौर पर हो रही खानापूर्ति पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि वर्षामापी केंद्रों की मरम्मत का काम अप्रेल या मई में ही पूरा किया जाना चाहिए था। लेकिन अब सितंबर में, जब मानसून समाप्ति की ओर है, अनुदान देने और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही जा रही है। उन्होंने इसे हास्यास्पद बताया।
महिला तहसीलदार को धमकाने का आरोप
हालप्पा ने आरोप लगाया कि केडीपी बैठक के मंच का कथित रूप से दुरुपयोग करते हुए ईमानदारी से काम कर रही महिला तहसीलदार को सार्वजनिक रूप से अपमानित और धमकाया गया।
उन्होंने कहा कि तहसीलदार स्तर के अधिकारी का तबादला या प्रतिनियुक्ति करने का अधिकार सहायक आयुक्त के पास भी नहीं है। इसके बावजूद इस तरह की बात करना नियमों के विपरीत और अधिकारों के दुरुपयोग का मामला है।
कुएं को बंद करने के मामले में लोकायुक्त से शिकायत
पूर्व मंत्री ने पुराने कुएं को कथित तौर पर नियमों के विरुद्ध बंद करने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुएं में सूअर और मुर्गियां गिरने की बात कहकर पुराने कुएं को बंद कर दिया गया और बाद में नया कुआं खोदा गया।
उन्होंने कहा कि यह काम किस नियम और किस अनुदान के तहत किया गया, इसकी जांच के लिए लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई जाएगी।
हालप्पा ने आरोप लगाया कि सागर तालुक में विकास कार्य ठप हैं। उन्होंने विधायक से केवल बयानबाजी करने के बजाय प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने और जनता की समस्याओं का समाधान करने की मांग की।
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