‘तीन दिन नहीं, दस दिन चले अधिवेशन’
हुब्बल्ली। भाजपा विधायक महेश टेंगिनकाई ने शनिवार को कहा कि “बल्लारी पदयात्रा से घबराकर राज्य सरकार ने केवल तीन दिन का अधिवेशन बुलाने का निर्णय लिया है, जबकि कम से कम दस दिन का अधिवेशन होना चाहिए।”
‘जनता की समस्याओं का समाधान तभी संभव’
उन्होंने कहा कि दस दिन का अधिवेशन होने पर ही जनता की समस्याओं पर सवाल-जवाब हो सकते हैं और समाधान निकल सकता है। तीन दिन के अधिवेशन में यह संभव नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष के दबाव से बचने के लिए अधिवेशन छोटा कर रही है।
‘कांग्रेस को अंतिम चोट’
टेंगिनकाई ने कहा कि पदयात्रा से कांग्रेस को अंतिम चोट लगी है। प्रजासेवा आंदोलन अभी शुरू हुआ है, दो माह बाद इसकी उपलब्धियां देखेंगे।
Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?
अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें
हर खबर सबसे पहले
Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z

