जगत के एकमात्र जानपद विश्वविद्यालय में मचा हडक़ंप
करीब 50 विद्यार्थी फिलहाल पढ़ रहे
200 छात्र पहले ही कर चुके हैं पाठ्यक्रम पूरा
हावेरी। शिग्गावी तालुक के गोटगोड़ी स्थित जानपद विश्वविद्यालय में बिना आवश्यक अनुमति शुरू किए गए आठ पाठ्यक्रमों पर अब संकट मंडरा रहा है। उच्च शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालय के कुलसचिव को नोटिस जारी कर इन पाठ्यक्रमों को तत्काल बंद करने और नए प्रवेश रोकने के निर्देश दिए हैं। विभाग के इस कदम से वर्तमान में इन पाठ्यक्रमों में पढ़ रहे करीब 50 विद्यार्थियों और शिक्षकों में चिंता बढ़ गई है।
विभाग ने 8 सितंबर को जारी नोटिस में कहा है कि विश्वविद्यालय को कोई भी नया पाठ्यक्रम शुरू करने से पहले जानपद अधिनियम-2011 की धारा 43(2) के तहत आवश्यक मंजूरी लेनी थी। आरोप है कि राज्य सरकार और राज्यपाल की स्वीकृति के बिना आठ पाठ्यक्रम शुरू कर दिए गए। विभाग ने नोटिस मिलने के सात दिन के भीतर जवाब मांगा है और ऐसा नहीं करने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है।
2018 से 2025 के बीच शुरू हुए पाठ्यक्रम
जानपद संस्कृति को दुनिया तक पहुंचाने के उद्देश्य से वर्ष 2011 में स्थापित विश्वविद्यालय में अधिनियम के अनुसार जानपद से संबंधित विषयों के पाठ्यक्रम शुरू किए जाने थे। उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार, 2018 से 2025 के बीच जानपद से इतर विषयों में आठ पाठ्यक्रम बिना आवश्यक मंजूरी शुरू किए गए।
इनमें एमए अंग्रेजी, एमए अर्थशास्त्र, एमए समाज विज्ञान, एमए समाज कार्य, एमए दृश्य कला, एमए प्रदर्शन कला, एमए महिला अध्ययन तथा एमए कन्नड़ एवं जानपद शामिल हैं।
विभाग ने इन पाठ्यक्रमों में तत्काल नए प्रवेश रोकने के साथ ही संबंधित शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों के संबंध में भी कार्रवाई करने को कहा है। विभाग के अनुसार बिना मंजूरी पाठ्यक्रम शुरू करना गंभीर चूक है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
50 विद्यार्थियों का भविष्य अधर में
विश्वविद्यालय के एक विद्यार्थी के अनुसार, इन आठ पाठ्यक्रमों से अब तक करीब 200 विद्यार्थी पढ़ाई पूरी कर निकल चुके हैं, जबकि वर्तमान में करीब 50 विद्यार्थी तीसरे और चौथे सेमेस्टर में अध्ययनरत हैं। पाठ्यक्रम बंद होने की खबर से विद्यार्थियों के सामने अपनी पढ़ाई पूरी करने को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है।
वर्तमान विद्यार्थियों को पढ़ाई पूरी कराई जाएगी
कुलसचिव सी.टी. गुरुप्रसाद के अनुसार, बिना मंजूरी संचालित पाठ्यक्रमों को बंद करने के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने नोटिस दिया है। सात दिन में रिपोर्ट देने की तैयारी की जा रही है। साथ ही विश्वविद्यालय ने लंबित अनुदान जारी करने की मांग भी सरकार के समक्ष रखी है।
जानपद विश्वविद्यालय में नियुक्ति, वेतन बकाया और पीएचडी प्रवेश जैसे मुद्दों के बाद अब आठ पाठ्यक्रमों की वैधता पर उठे सवाल ने विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली को फिर चर्चा में ला दिया है।
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