किन्नाल के युवाओं की अनूठी पहल
अब दीवारों पर नजर आएंगी गांव की प्रसिद्ध कला-कृतियां
कोप्पल। गणेशोत्सव में डीजे और पटाखों पर होने वाले खर्च के बीच किन्नाल गांव के युवाओं ने उत्सव की बची राशि को शिक्षा और गांव के विकास से जोडक़र मिसाल पेश की है। कामनकट्टी गेलेयर बलग (मित्र मंडली) के करीब 50 सदस्यों ने गणेशोत्सव में बची राशि से सरकारी स्कूलों की दीवारों का रंग-रोगन कराया है। अब इन्हें किन्नाल की प्रसिद्ध कला-कृतियों से सजाने की तैयारी है।
बलग की ओर से लगातार 11वें वर्ष हिंदू गजानन मंडली के नाम से गणेश प्रतिमा स्थापित की गई। सार्वजनिक सहयोग से जुटाई गई राशि से प्रतिमा और उत्सव का खर्च निकालने के बाद बची रकम को गांव के विकास कार्यों में लगाने का निर्णय लिया गया।
युवाओं ने कुवेम्पु शताब्दी मॉडल स्कूल, हाईस्कूल तथा कौलपेटे के सरकारी प्राथमिक विद्यालय की चारदीवारी पर रंग-रोगन कराया। अब स्थानीय कलाकार इन दीवारों पर किन्नाल की पारंपरिक कला-कृतियों को उकेरेंगे।
जनता तय करती है, पैसा कहां खर्च हो
बलग की खासियत यह है कि हर वर्ष उत्सव के बाद बची राशि के उपयोग को लेकर ग्रामीणों से राय ली जाती है। जिस काम को जनता प्राथमिकता देती है, राशि उसी पर खर्च की जाती है।
यह पहल नई नहीं है। 2024 में युवाओं ने किन्नाल से करीब सात किलोमीटर दूर चिलवाडगी तक क्षतिग्रस्त सडक़ की मरम्मत कराई थी। किन्नाल प्रवेश मार्ग पर मिट्टी की सडक़ भी बनाई गई थी। तत्कालीन जिला एवं सत्र न्यायाधीश चंद्रशेखर सी. ने इस पहल की सराहना की थी।
बलग के सचिव वीरेश देवी ने कहा कि सार्वजनिक सहयोग से जुटा पैसा फिजूलखर्च नहीं होना चाहिए। गांव के लोगों का पैसा गांव के विकास में ही लगे, यही हमारी कोशिश है।
Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?
अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें
हर खबर सबसे पहले
Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z

