चौंक गए परिवार के लोग
हावेरी के गोडचिकोंड गांव की घटना
63 वर्षीय रेणुकम्मा को अस्पताल में भर्ती कराया गया, उपचार के बाद हालत स्थिर
हावेरी। अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी। रिश्तेदार अंतिम दर्शन के लिए पहुंच चुके थे और घर में शोक का माहौल था। तभी महिला के शरीर में सांस की हलचल महसूस हुई। परिवार के लोग चौंक गए। जिसे मृत समझकर घर लाया गया था, वह जीवित थी। मामला हावेरी जिले के हिरेकेरूर तालुक के गोडचिकोंड गांव का है।
गांव निवासी रेणुकम्मा संकोळी (63) की 21 सितंबर की रात अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। रक्तचाप और रक्त में शुगर के स्तर में गंभीर उतार-चढ़ाव के कारण वह बेहोश हो गई थीं। परिवार उन्हें शिकारीपुर तालुक के सुन्नदकोप्पा गांव में स्थानीय डॉक्टर के पास ले गया। डॉक्टर ने उनकी सांस काफी कमजोर बताते हुए बड़े अस्पताल ले जाने की सलाह दी।
परिवार के मुताबिक, अस्पताल ले जाते समय रास्ते में रेणुकम्मा में कोई हलचल या सांस दिखाई नहीं दी। उन्हें मृत समझकर 22 सितंबर को उनके पैतृक गांव गोडचिकोंड लाया गया। घर में अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू हो गईं। कुछ रिश्तेदार अंतिम दर्शन के लिए फूलों की माला लेकर भी पहुंच गए।

उठाने लगे तो सुनाई दी सांस की आवाज
अंतिम संस्कार के लिए रेणुकम्मा को उठाया जा रहा था, तभी परिवार के लोगों को उनके शरीर से सांस लेने जैसी आवाज सुनाई दी। ध्यान से देखने पर उनके जीवित होने का पता चला। परिवार ने बिना देर किए उन्हें हिरेकेरूर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
अस्पताल में चिकित्सकों ने तत्काल उपचार शुरू किया। परिवार के अनुसार, रेणुकम्मा ने उपचार का जवाब दिया और उनकी हालत में सुधार आया है। फिलहाल उनका इलाज जारी है और स्वास्थ्य स्थिर बताया गया है।
परिवार के एक सदस्य ने बताया कि सांस लेने में दिक्कत के कारण उनकी हालत बेहद गंभीर थी। रास्ते में सांस नहीं चलने के कारण उन्हें मृत समझ लिया गया था। बाद में अंतिम संस्कार की तैयारी के दौरान सांस की आवाज सुनाई देने पर उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया।
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