एमआरपीएल विस्फोट के बाद श्रमिकों का आक्रोशमृतक के परिवार को तत्काल मुआवजा, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने समेत विभिन्न मांग को लेकर कार्गो गेट के सामने धरने पर बैठे एमआरपीएल श्रमिक।

मृतक के परिवार को तत्काल मुआवजा, घायलों को 10 लाख तक इलाज की मांग

एमडी के लिखित आश्वासन पर अड़े कर्मचारी

मेंगलूरु। एमआरपीएल रिफाइनरी में बुधवार को हुए भीषण विस्फोट और आग की घटना के बाद गुरुवार को श्रमिकों का आक्रोश खुलकर सामने आया। कर्मचारी संगठन मृतक श्रमिक मनीष कर्कड के परिवार को तत्काल मुआवजा, घायलों को बेहतर उपचार और रिफाइनरी में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग को लेकर कार्गो गेट के सामने धरने पर बैठ गए। एमआरपीएल कर्मचारी संघ, कर्मचरी संघ और बीएमएस के नेतृत्व में शुरू हुआ आंदोलन देर तक जारी रहा।

प्रबंधन की ओर से इएसआइ सुविधा से वंचित कर्मचारियों को 5 लाख रुपए तक की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के संबंध में 15 दिन के भीतर निर्णय लेने का आश्वासन दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने इसे अपर्याप्त बताते हुए साफ किया कि घायलों के इलाज के लिए कम से कम 10 लाख रुपए की चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित की जाए। साथ ही एमआरपीएल के प्रबंध निदेशक स्वयं मौके पर पहुंचकर लिखित आश्वासन दें।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर मृतक मनीष कर्कड का शव कार्गो गेट पर लाकर आंदोलन आगे बढ़ाया जाएगा। विधायक उमानाथ कोट्यान सहित श्रमिक संगठन के पदाधिकारी और स्थानीय नेता धरने में शामिल हुए।

हादसा नहीं, सुरक्षा पर बड़ा सवाल

विधायक डॉ. भरत शेट्टी ने घटना की समग्र जांच की मांग करते हुए कहा कि ऐसी दुर्घटना दोबारा न हो, इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था की पूरी समीक्षा जरूरी है। उन्होंने मृत कर्मचारी के परिवार को अधिक मुआवजा देने, घायलों का पूरा उपचार खर्च कंपनी द्वारा उठाने और उन्हें उचित मुआवजा देने की मांग की।

उन्होंने कहा कि खतरनाक परिस्थितियों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य एवं सुरक्षा सुविधाएं तत्काल लागू होनी चाहिए। संयंत्र में आवश्यक सुरक्षा ढांचा और आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं या नहीं, इसकी भी जांच हो। विस्फोट से आसपास के मकानों अथवा भवनों को नुकसान हुआ है तो उसका सर्वे कर प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिया जाए। उन्होंने अस्पताल पहुंचकर मृतक के परिजनों से मुलाकात कर सांत्वना भी दी।

निर्यात टेंडर रद्द, कारोबार पर असर

विस्फोट का असर एमआरपीएल के कारोबारी संचालन पर भी दिखाई देने लगा है। कंपनी ने डीजल और जेट ईंधन के लिए निर्धारित तीन स्पॉट निर्यात टेंडर रद्द कर दिए हैं। ये टेंडर महीने के अंत में निर्यात के लिए प्रस्तावित थे।

कंपनी के अनुसार, हादसा प्रतिदिन तीन लाख बैरल क्षमता वाले कोकर हाइड्रोट्रीटर (सीएचटीयू) संयंत्र में हुआ। उच्च दबाव पर काम कर रहा कोल्ड सेपरेटर अचानक फट गया, जिसके बाद आग लगी। कर्मचारियों ने तत्काल कार्रवाई कर आग पर नियंत्रण पाया। हालांकि इस घटना से संबंधित संयंत्र के उत्पादन और संचालन पर असर पड़ा है। कंपनी का कहना है कि रिफाइनरी के अन्य प्रमुख संयंत्र सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।

विस्फोट के बाद एमआरपीएल के शेयर पर भी दबाव रहा। गुरुवार को कंपनी के शेयर में करीब 3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। हादसे के कारणों, सुरक्षा मानकों और प्रभावित कर्मचारियों के हितों को लेकर अब जांच और प्रबंधन की अगली कार्रवाई पर नजर है।

 

Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?

अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें

हर खबर सबसे पहले

Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z

Spread the love

By Bharat Ki Awaz

मैं भारत की आवाज़ हिंदी न्यूज़ पोर्टल से जुड़ा हुआ हूँ, जहाँ मेरा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और ताज़ा ख़बरें पहुँचाना है। राजनीति, समाज, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों पर गहरी रुचि रखते हुए मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि समाचार केवल सूचना न हों, बल्कि पाठकों को सोचने और समझने का अवसर भी दें। मेरी लेखनी का मक़सद है—जनता की आवाज़ को मंच देना और देश-समाज से जुड़े हर पहलू को ईमानदारी से प्रस्तुत करना। भारत की आवाज़ के माध्यम से मैं चाहता हूँ कि पाठक न केवल ख़बरें पढ़ें, बल्कि उनसे जुड़ाव महसूस करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *